बस्ती। शहर में शाम ढलते ही माहौल अचानक बदल जाता है। दिनभर की भागदौड़ के बाद जब लोग सुकून की तलाश में अपने घरों की ओर लौट रहे होते हैं, उसी वक्त शहर के कई मोहल्लों, चौराहों और सुनसान गलियों में जाम छलकने लगते हैं। सड़क किनारे, दुकानों के पीछे, और बंद पड़ी दुकानों की आड़ में लोग खुलेआम शराब पीते नजर आते हैं।
यह सब कुछ न केवल कानून व्यवस्था की खुली धज्जियां उड़ाता है, बल्कि सामाजिक माहौल को भी दूषित कर रहा है। इसका प्रमाण दो दिन पहले सीओ सिटी सत्येंद्र भूषण त्रिपाठी को दिल्ली बस धमाके के अलर्ट के क्रम में जांच करते समय मिल गया था। एक लग्जरी कार में प्लास्टिक के गिलास में शराब पी रहे शख्स को पकड़ा था। शहर के पटेल चौक, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, रोडवेज, शास्त्री चौक से अमहट, कटरा चुंगी, बड़ेवन के आसपास हर शाम शराबियों का जमावड़ा लगने लगा है।
बड़ेवन निवासी रत्नेश्वर गुप्ता, उमेश यादव, सुंदर बताते हैं कि लोग छोटे प्लास्टिक के गिलासों में पेय भरकर खुलेआम पीते दिखाई देते हैं। कुछ तो दुकानों के बाहर ही बैठकर नशे में ऊधम मचाते हैं। शिक्षक अनिरुद्ध प्रसाद कहते हैं कि इन शराबियों के कारण सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और छात्राओं को उठानी पड़ती है। कटरा बाजार दुकानदार विनोद ने बताया कि हर शाम 7 बजे के बाद दो-तीन लोग यहां आकर शराब पीने लगते हैं। कई बार टोकने पर उल्टा हमें ही गालियां देते हैं।