बृहस्पतिवार की आधीरात के बाद से ही तमाम मंदिरों में हरहर महादेव की ध्वनि गूंजने लगी। पूरे दिन जलाभिषेक का क्रम चलता रहा। भदेश्वरनाथ सहित तमाम मंदिरों के आसपास मेले लगे थे। भदेश्वरनाथ में सबसे ज्यादा भीड़ थी।
टिनिच प्रतिनिधि के अनुसार महाशिवरात्रि के पर्व पर क्षेत्र विभिन्न शिव मन्दिरों में रात के 12 बजे से ही शिव भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की। बाराह क्षेत्र महादेवा, शिवपुर, कुआनो नदी पर स्थित बाबा दूधनाथ शिव मन्दिर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच जलाभिषेक किया। वहीं महादेवा व शिवपुर में मेला भी लगा। मानिकचन्द प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के शिव मंदिर पचदेऊरी, मुस्तफावाद, मानिकचन्द, सेवईडीह, मझौआ खजुरी, भादी खुर्द, ककरहवा, महुंआरी, भादी बुजुर्ग, पुर्सिया, जमदाशाही, तेलियाडिह, रसुलपुर, ब्योतहरा, कोडरा, दुदराक्ष, छितही प्रहलाद, दरौली, भरवलिया, चमनगंज बडकुईया, कोडरी, हथियागढ, पकरी जंई, पोखरभिटवा, दसिया, उमरा, मुनियांव आदि शिवालयों में आधी रात से ही महिलाओं बच्चियों द्वारा जलाभिषेक शुरू कर दिया। जो दिन भर चला। इसके अलावा क्षेत्र के मुस्तफाबाद, पचदेऊरी, मानिकचन्द, चमनगंज, ब्योतहरा व कोडरा में मेले के साथ ही भंडारे का आयोजन किया गया। आयोजक रामविलास शर्मा ने कहा कि रात्रि ढाई बजे से ही मंदिर परिसर में जलाभिषेक होने लगा था। यह क्रम दिन भर चला। बनकटी क्षेत्र के बेहिल नाथ, कोरऊ, थाल्हापार, बानपुर पिड़िया, टिकवाजोत, खोरेस्वर नाथ खोरिया आदि शिव मंदिरों पर जलाभिषेक व मेले का आंनद उठाया। इस दौरान उचच्कों ने भी हाथ साफ करने में कोई कसर नही छोड़ा। लालगंज थाना क्षेत्र के बनकटी निवासी चन्दा विश्वकर्मा का थाल्हा पार शिवमंदिर पर जलाभिषेक करते समय किसी ने चेन खींच लिया।
महसों क्षेत्र के तमाम शिव पर मंदिरों पर शिव भक्तों ने जलाभिषेक किया। बेहिल, अलगा भरटोलवा, महसों, रामनगर घाट समेत तमाम शिव मंदिरों पर मेले लगे। अलगा में सुंदरकांड का आयोजन व प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर राजन, अंबुज श्रीवास्तव, अनमोल श्रीवास्तव, रत्नेश, आलोक, पवन, रंकज, शिवराम, विष्णु, हार्दिक, हर्ष, विधता श्रीवास्तव, धर्म राज, राम जीत, अनिल समेत तमाम लोग रहे।
इसी प्रकार दुबौलिया क्षेत्र के नयकापार, रमवापुर, चकोही, झूगीनाथ, सड़वलिया, फेंसा शिव मंदिर पर जलाभिषेक कार्यक्रम हुआ। महिलाएं और बच्चों ने घरेलू सामान, खिलौना की खरीदारी की। कुदरहा क्षेत्र के परसांव श्री झारखण्डेश्वर नाथ मंदिर पर अखण्ड हरि कीर्तन का आयोजन किया गया। चौबीस घंटे तक चले सीताराम के कीर्तन की पूर्णाहुति शुक्रवार को हुआ। इस बीच भगवान भोलेनाथ का विधिवत पूजा अर्चना किया गया। महाशिवरात्रि से एक दिन पहले बृहस्पतिवार को श्रद्वालुओं ने सीताराम संकीर्तन पाठ शुरू किया।
चौबीस घंटे तक चले इस संगीतमयी कीर्तन में क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। इस अनुष्ठान को यजमान के रुप में विनय कुमार पाल व कृष्णावती पाल और पुरोहित पंडित सुशील मिश्र ने अपने दायित्वों को निर्वहन किया। चन्द्रदेव पाल, मोहम्मद इस्लाम, राजबली, कल्लन यादव, रोशन पाल, वकील चौधरी, जयप्रकाश यादव, हनुमान बारी, रमेश निषाद, हरिलाल, हरिराम, विश्वनाथ, श्यामलाल, नेबूलाल, राम फूल यादव, राम जीत यादव, जगई यादव, अनिल चौधरी, रमेश तिवारी, गंगाराम शर्मा एवं बाबूराम यादव सहित अन्य ने महत्वपूर्ण योगदान रहा।