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Basti News: शहर से गांव तक गूंजीं या हुसैन की सदाएं

Thu, 18 Jul 2024 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- दसवीं के मुहर्रम के जुलूस में शामिल हुए अकीदतमंद
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- गांधीनगर में ताजिए, अलम का जुलूस निकाला गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दसवीं मुहर्रम का जुलूस बुधवार को निकाला गया। शहर से लेकर गांव तक ताजिए निकाले गए। इमाम हुसैन के मानने वालों ने कर्बला की घटना को याद कर नौहा पढ़ा। मातम कर अपने गम को बयां किया। देर शाम स्थानीय कर्बला में ताजियों को दफन किया गया।
शहर के गांधीनगर में अलम का जुलूस निकाला गया। खुर्शीद मंजिल से शुरू हुआ जुलूस इमामबाड़ा शाबान मंजिल पर आकर रुका। यहां से मुख्य मार्ग से होते हुए हुसैनी मस्जिद पहुंचा। यहां पर कई और इमामबाड़ों के ताजिए लाए गए। यहां से जुलूस जिला अस्पताल स्थित कर्बला पहुंचकर समाप्त हुआ।
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मौलाना इरफान हैदर जैदी ने कहा कि पैगम्बर ने अपने छोटे नवासे इमाम हुसैन को हर मंजिल पर दुनिया के सामने पहचान करवाई थी। नमाज के दौरान पैगम्बर की पीठ पर आकर अगर बालक हुसैन बैठ गए तो पैगम्बर ने सजदे से सिर नहीं उठाया। हुसैन मस्जिद के सहन में गिर गए तो उनके लिए जुमे का खुतबा रोक कर उन्हें उठाने के लिए दौड़े।

कहा कि मेरा हुसैन मुझसे है, और मैं हुसैन से हूं। जिसने हुसैन को अजीयत दी, उसने मुझे व अल्लाह को अजीयत दी। इसके बाद भी पैगम्बर का कलमा पढ़ने वाले कुछ मुसलमानों ने हुसैन व उनके घर वालों को तीन दिन तक भूखा-प्यासा रखकर शहीद कर डाला। परिवार के बचे हुए लोगों को कैदी बना लिया गया। अवाम को यह बताया गया कि एक बागी गिरोह था, जिसे मारा गया। इसका नतीजा यह हुआ कि कैदी जिधर से गुजरते लोग उन पर पत्थर व आग बरसाते थे। मौलाना ने कहा कि यजीद ने अपने तीन साल के कार्यकाल में पहली साल इमाम हुसैन को शहीद किया, दूसरे साल काबा को जलाया।
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इस मौके पर रफीक अहमद, सुहेल बस्तवी, सोनू, सिराज, जीशान रिजवी, शम्स आबिद, आले हसन, सफदर रजा सहित अन्य मौजूद रहे।
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गांधीनगर व पुरानी बस्ती में निकाला कदीमी जुलूस
गांधीनगर और पुरानी बस्ती में ताजिए का कदीमी जुलूस निकाला गया। बुधवार दोपहर में चौक से ताजिए उठना शुरू हुए। पुरानी बस्ती क्षेत्र में ताजिये उठने के बाद कई चौक पर पानी देने की रस्म अदा की गई। कर्बला के प्यासों की याद में पानी देने की यह रस्म अदा की जाती है। कर्बला में पहुंचकर लोगों ने फातिहा पढ़ा। नगर पालिका प्रशासन की ओर से वहां पर सफाई व प्रकाश आदि की व्यवस्था कराई गई थी।
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