सदर ब्लॉक के कटया ग्राम पंचायत में स्थित तालाब संवाद
बस्ती। जिले में 100 नए मॉडल तालाब विकसित किए जाएंगे। इनको प्लास्टिक मुक्त बनाकर ग्रे-वाटर का प्रबंधन किया जाएगा। इसका उद्देश्य गांवों में तालाबों के पुनरुद्धार, सफाई और संरक्षण के माध्यम से भू-जल को रिचार्ज करना है। जिससे जल संरक्षण व पर्यावरण की शुद्धता की दिशा में मदद मिल सकेगी। इसकी पहल जिले स्तर पर शुरू हो गई है, ब्लॉकों में इस कार्य के लिए नोडल इंजीनियर की तैनाती कर दी गई है।
पंचायतीराज निदेशक के निर्देश पर ग्राम पंचायतों के चयन की प्रक्रिया चल रही है। चयन के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) निदेशालय को भेजी जाएगी। इसे मेरा तालाब-मेरी जिम्मेदारी अभियान नाम दिया गया है। पहले चरण में 100 तालाबों को मॉडल बनाया जाना है। ग्रे-वाटर प्रबंधन व प्लास्टिक मुक्त तालाब बनाने के लिए चयन का मानक भी निर्धारित किया गया है। पांच हजार से अधिक आबादी वाली ग्राम पंचायतों में तालाबों को चिह्वित किया जाना है।
चयनित तालाब गांव में बस्ती के किनारे हो और यह भी देखा जाएगा कि तालाब में गांव की नालियों के माध्यम से पानी भी पहुंचने की व्यवस्था हो। तालाब के किनारे कूड़ा व गंदगी के ढेर लगे हों। ऐसे तालाबों को अभियान के लिए अंतिम रूप से चयन किया जाएगा। चयनित तालाबों को अभियान के तहत निर्धारित मानकों पर विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा।
इन ब्लॉकों में इन कंसल्टिंग इंजीनियर की हुई तैनाती : बहादुरपुर ब्लॉक में शिवकुमार प्रजापति, बनकटी में राधिका, बस्ती सदर में मनोज कटियार, दुबौलिया में दुर्गेश सिंह, गौर में दुर्गेश नाथ, हर्रैया में मो. हाशिम सिद्धीकी, कप्तानगंज में दीपक कुमार पांडेय, कुदरहा में नगमा, परशुरामपुर में सचिन प्रकाश, रामनगर में सौम्या सिंह, रुधौली में रमाकांत चौधरी, सल्टौआ गोपालपुर में गुलाब चौधरी, सांऊघाट में कंचन गुप्ता, विक्रमजोत में विजय चौधरी की तैनाती कंसल्टिंग इंजीनियर के रूप में हुई है।