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Basti News: कटान की जद में आशियाने, संपर्क मार्ग डूबे

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सतहा गांव के संपर्क मार्ग पर भरा बाढ़ का पानी। संवाद
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बस्ती। सरयू नदी का रौद्र रूप अब तटवर्ती गांवों में कहर बरपाने लगा है। दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के 10 से 15 गांवों के निचले हिस्सों में बाढ़ का पानी भर गया है। कई गांवों के संपर्क मार्ग डूबने से आवागमन प्रभावित है। विद्यालय परिसरों और पंचायत भवनों में भी पानी भर गया है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित लोगों को नजदीक में भी सुरक्षित ठिकाना नहीं मिल पा रहा है। कुदरहा ब्लॉक के मईपुर और महुआपार कला में कई दिनों से कटान का खतरा बना हुआ है। मईपुर में नदी की धारा आबादी के करीब पहुंच गई है। कटान की जद में आए एक घर का हिस्सा नदी में समा चुका है। खतरा बढ़ता देख कुछ परिवार पक्का मकान छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। कई ग्रामीण टीनशेड और दूसरे अस्थायी ढांचे भी उजाड़कर सुरक्षित जगह ले जा रहे हैं।
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केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार बुधवार शाम पांच बजे सरयू का जलस्तर 93.07 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 92.73 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से 34 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बुधवार को जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज नहीं होना हालांकि राहत की बात रही।
दुबौलिया क्षेत्र का सुविका बाबू और आंशिक टेढ़वा गांव बाढ़ के पानी से घिर गया है। ग्रामीण रोजमर्रा के काम के लिए मोटरबोट का सहारा ले रहे हैं। सतहा, बलुईया, भुवरिया, जेठूपुरवा, खिलाड़ी पुरवा, विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, बरदिया लोहार, पाहीमाफी और पूरे मोतीराम समेत कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है।
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सरयू की दो धाराओं के बीच बसे देवारागंगबरार और कुर्मियाना गांव भी बाढ़ से प्रभावित हैं। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से खलवा गांव तक करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में नदी का दबाव बढ़ा है। बाढ़ खंड की टीम यहां लगातार निगरानी कर रही है।
चारा और फसलें डूबीं, पशुपालकों की बढ़ी परेशानी : बाढ़ का पानी खेतों में भरने से फसलें डूबने लगी हैं। पशुपालकों के सामने हरे चारे का संकट खड़ा हो गया है। पशुपालक सुरेश, उमेश और रामनाथ ने बताया कि हरा चारा पानी में डूब गया है।
पशुओं के भरण-पोषण में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों समीर चौहान, अनिल कुमार और जीतमल के मुताबिक इस बार फसल बचाना मुश्किल नजर आ रहा है। अशोकपुर और कटरिया के पंचायत भवनों में पानी भर गया है। प्राथमिक विद्यालय रुदलपुरवा का परिसर भी जलमग्न है।
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स्कूली बच्चों को पानी के बीच से होकर आना-जाना पड़ रहा है। प्राथमिक विद्यालय अशोकपुर चौहान और अखनपुर के रास्तों पर भी पानी भर गया है।
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