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Basti News: होली की हुड़दंग ने बिगाड़ी सेहत, पहुंचा दिया अस्पताल

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जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ संवाद
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बस्ती। पानी और रंगों से सराबोर होकर होली खेलने का जोश लोगों की सेहत पर भारी पड़ गया। त्योहार के बाद जैसे ही जिला अस्पताल की ओपीडी खुली, वहां मरीजों का तांता लग गया। हालत ये रहे कि दोपहर दो बजे तक मेडिसिन, चेस्ट विभाग और बाल रोग विभाग के कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन लगी रही।
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पर्चा काउंटर से लेकर पैथोलॉजी तक भीड़ रही। होली छुट्टी के नाते सोमवार, मंगलवार, बृहस्पतिवार को केवल 12 बजे तक की ओपीडी रही थी, जबकि होली के दिन बुधवार को अस्पताल में सन्नाटा रहा। चार दिनों बाद शुक्रवार को अस्पताल पूरी तरह खुला, तो हर जगह मरीजों की कतार दिखी।
होली पर देर तक पानी में भीगने और ठंडे पदार्थों के सेवन के कारण बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ गए हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में सबसे ज्यादा भीड़ सर्दी, जुकाम और वायरल बुखार के मरीजों की रही। फिजिशियन डॉ. अखिलेश मद्देशिया के अनुसार, बदलाव के बीच ठंडे पानी से होली खेलने के कारण संक्रमण और इससे फेफड़ों में जकड़न की शिकायतें बढ़ गई हैं।
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अधिकतर मरीज सिर व शरीर दर्द के रहे। खांसी की शिकायत लेकर भी मरीज अस्पताल पहुंचे। कई मरीजों में पेट में संक्रमण पाया गया। गुझिया, गुलगुला और पूड़ी खाकर बीमार पड़े थे।
बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. एके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को ओपीडी में बुखार व सर्दी से परेशान बच्चों की संख्या अधिक रही। साथ आए अभिभावकों ने भी देर तक होली खेलने के बाद बीमार पड़ने की जानकारी दी। वहीं, इमरजेंसी वार्ड में सुबह से डॉ. एसएस कन्नौजिया, डॉ. आयुषी गुप्ता मुस्तैद रहे। 11 बजे तक 19 मरीजों की जांच कर भर्ती किए। अधिकांश होली खेलने वाले मरीज दिखे।
जिला अस्पताल में कुल 1165 पर्चे बने। इनमें से फिजिशियन से परामर्श के लिए 400 मरीज पहुंचे। इनमें से 160 सर्दी और बुखार से पीड़ित बच्चों का परीक्षण किया गया। वहीं, 120 आंख संबंधी जबकि 150 से अधिक त्वचा संबंधी आए।
ईएनटी सर्जन कक्ष खाली होने से मरीज परेशान दिखे। ऐसे रोगी इमरजेंसी में पहुंचकर इलाज करवाए। मनोज ने बताया कि उनके गले में छाला पड़ गया है, ईएनटी सर्जन कक्ष में कोई डॉक्टर नहीं मिले। मजबूर होकर इमरजेंसी में पहुंचे।
उन्होंने फिर चेस्ट फिजीशियन से परामर्श लिया। पर्चा काउंटर पर भी ढिलाई दिखी, इसके चलते पर्चा बनवाने में भी मरीजों को परेशान होना पड़ा। तमाम लोग फर्श पर बैठकर इंतजार करते दिखे।
पैथोलॉजी से लेकर सीटी स्कैन तक भीड़ : चार दिन बाद अस्पताल पूरी तरह खुलने के कारण भीड़ अधिक रही। नियमित दवाएं लेने वाले मरीज भी परामर्श के लिए पहुंचे। वहीं कई दिनों से बुखार से पीड़ित मरीजों ने खून की जांच कराई। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में 200 मरीजों के खून के नमूने लिए गए।
वहीं 150 एक्स-रे व 30 सीटी स्कैन भी हुए। इनमें अधिकर एक्स-रे उनके हुए जो होली पर हल्के-फुल्के घायल हुए थे। तमाम मरीज ब्लड जांच रिपोर्ट के इंतजार में घर चले गए।
डॉग बाइट इंजेक्शन लगवाने के लिए करना पड़ा इंतजार : अस्पताल प्रशासन के अनुसार, 170 से अधिक मरीज डॉग बाइट के आए। इंजेक्शन कक्ष के बाद लंबी कतारें मिलीं। चिकित्सक के अनुसार, त्योहार के चलते कुत्ते हिंसक हो गए थे। इससे इंजेक्शन लगवाने वालों की भीड़ लगी रही। यहां दो बजे तक भीड़ लगी रही।
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