बस्ती। होली की छुट्टी खत्म होते ही ड्यूटी पर परदेश जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। होली के अगले दिन से ही महानगर जाने वाले यात्रियों की हलचल हाईवे पर बढ़ी नजर आई। ट्रेनों में चल रहा नो-रूम ऐसे प्रवासियों के लिए दिक्कत का सबब बना हुआ है।
रोडवेज बस की सेवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन बेहतर सेवा देने की वजह से लोग निजी ट्रैवल एजेंसियों की तरफ रुख कर रहे हैं। हालांकि उन्हें इसके लिए दाे से तीन गुना किराया चुकाना पड़ रहा है। लेकिन यात्रियों की सुविधा को देखते हुए केबिन, स्लीपर और बैठकर यात्रा करने के लिए चेयर कार सीट है।
यही वजह है कि महंगे किराए के बावजूद यात्री इन बसों से सफर करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, लुधियाना, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली आदि शहरों में नौकरी करने वाले ज्यादातर प्रवासी होली की छुट्टी में घर आए थे। अब उनमें से काफी लोग त्योहार मनाकर वापस काम पर लौटते लगे हैं। शनिवार को सुबह से ही रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म पर आम दिनों से ज्यादा चहल-पहल नजर आई।
शाम होते ही भीड़ और भी बढ़ गई। दिल्ली के लिए गोरखधाम और वैशाली ट्रेन पकड़ने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दिल्ली, मुंबई और पंजाब समेत अन्य शहरों के लिए ट्रेनों में नो रूम के कारण लोग स्लीपर कोच में चढ़ते नजर आए।