जिला महिला अस्पताल में सीपीआर देने का तरीका सीखते कर्मचारी स्रोत विभाग
बस्ती। दिल की धड़कन रुकने पर सीपीआर देकर लोगों की जान बचाई जा सकती है। इसे लेकर महिला अस्पताल प्रशासन ने पहल की है। अस्पताल ने एक डमी (पुतला) के जरिये कर्मचारियों को सीपीआर की तकनीक सिखाई जा रही है।
अगर किसी इंसान को कार्डियक अरेस्ट हुआ है तो सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) सबसे ज्यादा कारगर होता है। कार्डियक अरेस्ट होने की स्थिति में मरीज को 10 सेकेंड के अंदर दिया गया सीपीआर संजीवनी का काम करता है। जिला महिला अस्पताल में सीपीआर के लिए एक डमी की खरीदारी हुई है। जिसके जरिये स्टाफ नर्स, स्वास्थ्य कर्मचारियों, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अलावा अस्पताल में तैनात सिक्योरिटी गार्ड को दो चरण में सीपीआर देने के तरीके बताए गए।
शनिवार को 12 बजे से दो बजे तक और दो बजे से चार बजे तक दो पाली में 100 से अधिक कर्मचारियों ने सीपीआर देने का तौर-तरीका सीखा। डॉ. आशुतोष शर्मा ने कर्मचारियों को डमी के माध्यम से सीपीआर का प्रशिक्षण दिया।
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