बस्ती। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा चिकित्सकों और कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। मरीजों को जांच और उपचार के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। सीएचसी-पीएचसी से लेकर आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक कामकाज ठप है। 256 आरोग्य मंदिरों में स्क्रीनिंग का काम ठप हो गया है।
बच्चों के टीकाकरण पर भी इसका असर पड़ा है। मरीजों की बढ़ती परेशानी के कारण जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और कैली अस्पताल पर दबाव बढ़ गया है। नियमित कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का बोझ पड़ रहा है। शुक्रवार को करीब 1100 संविदा स्वास्थ्यकर्मी सीएमओ कार्यालय पर धरने पर डटे रहे। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। संघ के प्रदेश महामंत्री आदित्य भारती, मंडल अध्यक्ष वीके वर्मा और जिलाध्यक्ष अजय कुमार ने नेतृत्व किया। कर्मचारियों ने आठ अक्तूबर से तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार शुरू किया है, जो 10 अक्तूबर तक चलेगा।
आरोग्य मंदिरों पर असर : एनएचएम कर्मियों के साथ 256 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) और 120 संविदा एएनएम भी हड़ताल में शामिल हैं। इससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। आरोग्य मंदिरों में प्रतिदिन छह से सात हजार मरीजों की जांच रुक गई है। करीब 200 से 300 बच्चों के टीकाकरण पर भी इसका असर पड़ा है। मरीजों को अब जांच और उपचार के लिए सीएचसी-पीएचसी या जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है।
प्रमुख मांगें : संविदा कर्मचारियों ने लंबे समय से कार्यरत कर्मियों को नियमित करने की मांग की है। नियमितीकरण होने तक समान कार्य के आधार पर सम्मानजनक वेतन देने की भी मांग है। छठे वेतन आयोग के आधार पर वेतन संरचना, महंगाई भत्ता और कर्मचारी भविष्य निधि जैसे लाभ भी मांगे गए हैं। उन्होंने स्थानांतरण नीति बहाल करने और सेवाकाल में मृत्यु पर अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग रखी है। स्वास्थ्य विभाग की नियमित भर्तियों में 25 फीसदी सीटें एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षित करने की भी मांग है।
धरने में ये रहे शामिल : धरना-प्रदर्शन में डॉ. आनंद गौरव शुक्ला, डॉ. प्रदीप शुक्ला, डॉ. जुनेद अहमद, डॉ. इंद्रेश चौधरी, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. श्रद्धा सिंह, डॉ. दीपिका सचान, डॉ. नीलम चौधरी, डॉ. सतीश चौधरी, डॉ. दिनेश सिंह कुशवाहा, डॉ. नीरज त्रिपाठी, डॉ. अमिश कुमार, डॉ. अमित पांडेय, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. नीरज यादव, डॉ. प्रमोद शर्मा समेत अन्य चिकित्सक और कर्मचारी मौजूद रहे।