बस्ती। आरोग्य मेले में रविवार को मरीजों की संख्या कम रही तो कहीं चिकित्सक की जगह फार्मासिस्ट ने उपचार किया। यही कारण रहा कि 39 पीएचसी में कम संख्या में मरीजों का इलाज हो सका। डॉक्टरों की गैर मौजूदगी के चलते मरीजों को निराश भी होना पड़ा।
जिले के नगरीय पीएचसी बरदहिया में डॉ. इंद्रावती कुमारी ने उपचार किया। यहां 41 मरीज आए। जांच कर दवाएं दी गई। सर्दी-जुकाम व बुखार व खांसी के अधिक मरीज रहे। पीएचसी नरहरिया में डॉ. आरपी सिंह ने जांच कर दवाएं उपलब्ध कराई। बताया कि ठंड के चलते मरीजों में वायरल संक्रमण और खांसी की शिकायत अधिक रही। कई बच्चों में दस्त की शिकायत थी। 44 मरीज देखे गए। वहीं अधिकांश पीएचसी पर आयुष और फार्मासिस्ट ही मरीजों का सहारा बने। उन्होंने जांच कर दवाएं दी। बभनान में 145 मरीजों को जांच कर दी गई दवाएं : बभनान। पीएचसी बभनान में आयोजित मेला में एलोपैथ डॉक्टर नहीं थे तो होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. आशुतोष गुप्ता ने जांच कर मरीजों को दवा दी। 145 मरीजों की सेहत जांची गई। अधिकांश सर्दी, जुकाम, खांसी, पेट दर्द के थे। बताया कि दो साल से डॉक्टर नहीं हैं, ऐसे में आयुष डॉक्टर से मेला का काम चलाया जा रहा है। फार्मासिस्ट आशुतोष शुक्ला ने दवाएं दी। फार्मासिस्ट राजकरन चौधरी, फार्मासिस्ट कृपा शंकर शुक्ला, सुरेंद्र सिंह, एएनएम श्वेता ने सहयोग किया।
ठंड में अस्थमा के आए मरीज: कलवारी। जन आरोग्य मेला के अंतर्गत रविवार को कलवारी में स्थित पीएचसी बहादुरपुर में मेला लगा। 28 मरीजों का इलाज किया गया। डाॅ. रितेश राव ने बताया कि मेला में 28 मरीजों का इलाज किया गया जिसमें अधिकतर मरीज अस्थमा के आये। बाकी मरीजों में बुखार, सर्दी-खांसी, हड्डी दर्द की शिकायत थी। फार्मासिस्ट जितेंद्र नारायण, एलटी राजेश कुमार, स्टाफ नर्स कल्पना मिश्रा, वार्ड ब्वॉय तेज प्रताप, स्वीपर रमजान अली मौजूद रहे।