बस्ती। भीषण गर्मी के बीच सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे मौसम ने अचानक करवट ली और 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली तेज आंधी ने जिलेभर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। महज आधे घंटे के भीतर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली व्यवस्था चरमरा गई, 15 से अधिक पेड़ और 50 से अधिक बिजली खंभे धराशायी हो गए। कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए और छह से अधिक वाहन पेड़ों व बिजली पोल की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गए। दो लोग घायल भी हुए हैं। कंपनीबाग महिला पीजी कॉलेज के सामने पेड़ गिरने से तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। जनता होटल महरीखांवा के सामने पेड़ के साथ गिरे 11 केवी बिजली पोल के नीचे दबकर दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। स्टेडियम कॉलेज में बरगद का पेड़ गिर गया। इससे एक टंकी क्षतिग्रस्त हो गई। बीडीए कार्यालय के सामने एक विशाल पेड़ गिरने से बाउंड्री टूट गई, जिससे एक कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। मार्ग पर पेड़ व पोल गिरने से आवागमन ठप हो गया।
वहीं जनता होटल महरीखांवा के सामने आंधी के चलते गिरे पेड़ व पोल की चपेट में आकर महरीखांवा निवासी असिम रिजवी का सिर फट गया है। सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती ने तत्काल उसे अपने वाहन से जिला अस्पताल भिजवाया। राम जानकी मार्ग पर कलवारी थाना क्षेत्र के गंगऊपुर गांव के पास विधायक निधि से बना बाबू शिवदयाल चौरसिया स्मृति द्वार का गेट सोमवार की दोपहर में आए आंधी पानी से टूटकर गिर गया। मांझा कला के निषाद पुरवा पर लगा निषाद राज गृह का गेट आंधी से टूट कर गिर गया।
बता देेंे कि देर रात तक मालवीय रोड, पुरानी बस्ती, अस्पताल चाैराहे की बिजली आपूर्ति बहाल हो गई जबकि गांधीनगर सिविल लाइंस, जेल रोड, पुराना डाकखाना आदि क्षेत्रों में देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो सकी थी।
ओवरहेड बोर्ड जमींदोज, गुणवत्ता पर सवाल : कंपनीबाग-बड़ेवन फोरलेन पर हाल ही में लगाया गया ओवरहेड साइन बोर्ड भी धराशायी हो गया। महज एक तेज झोंके में बोर्ड के गिर जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर में तेज हवा चलने के दौरान बोर्ड अचानक सड़क पर आ गिरा। घटना के समय वहां से कोई वाहन या राहगीर नहीं गुजर रहा था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। यदि उस समय यातायात सामान्य रहता तो गंभीर जनहानि हो सकती थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के बाद हाल ही में लगाए गए इस ओवरहेड बोर्ड का इतनी आसानी से गिर जाना निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता है। घटना के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। नगरीय क्षेत्र के नोडल अधिकारी सीआरओ कीर्ति प्रकाश भारती, एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान समेत अन्य अधिकारियों ने राहत और बहाली कार्य का जायजा लिया। पेड़ों को हटाने के लिए कटर और जेसीबी की मदद ली गई तथा क्षतिग्रस्त वाहनों को निकालने का प्रयास किया गया। बिजली विभाग की टीम भी टूटे पोल और तारों की मरम्मत में जुटी रही।
शहर में कहीं-कहीं जलभराव, लड़खड़ा गई है बिजली : सोमवार दोपहर बाद आई तेज आंधी से जहां एक ओर बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई वहीं दूसरी ओर शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बन गई। गांधीनगर 11 केवी फीडर की बिजली सवा दो बजे से ठप हो गई। छह बजे तक बहाल नहीं हुई। इसी प्रकार मालवीय रोड, पुरानी बस्ती, पॉलीटेक्निक, बड़ेवन उपकेंद्र की बिजली प्रभावित हुई। दुबौला, दुबौलिया, कप्तानगंज और गाउखोर में भी बिजली ठप रही।
आंधी में दीवार गिरने से महिला घायल : कलवारी। थाना क्षेत्र के तिसाह गांव में सोमवार की दोपहर में आए आंधी पानी में दीवार गिरने से एक महिला चोटिल हो गई। मिली जानकारी के अनुसार कुशलावती (33) पत्नी साहब राम निवासिनी तिसाह थाना कलवारी अपने मिट्टी के घर में बैठी थी जैसे ही तेज आंधी आई उसका मिट्टी का दीवार उसके शरीर पर गिरा।
जिससे उसका दाहिना पैर टूट गया और सिर में भी चोट लगा। परिजनों ने तुरंत उसको कलवारी में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर ले गए जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार करने के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया।