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Basti News: गायब हुई हरियाली...छांव के अभाव में सता रही धूप

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शहर के बीडीए कार्यालय के पास पेड़ न होने से गायब हरियाली, फुटपाथ भी नहीं संवाद - फोटो : अमित शर्मा
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बस्ती। सड़क निर्माण में गायब हुई शहर की हरियाली लौटाने को फिलहाल कोई पहल नहीं दिख रही है। 90 लाख रुपये लेकर वन विभाग ने वैसे तो 139 पेड़ पर आरा चलवा दिया, मगर उसके एवज में इस सड़क पर कहीं भी पौधे नहीं रोपे गए। इससे अब, बढ़े शहर के तापमान से राह चलते माथा टनक जा रहा है। भीषण गर्मी व चिलचिलाती धूप से बचने को छांव तक नसीब नहीं हो रही है।
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बता दें कि दो साल पहले तक कंपनीबाग-बड़ेवन मार्ग पर पेड़ ही पेड़ नजर आ रहे थे। सड़क चौड़ीकरण के बाद इस मार्ग को फोरलेन में तब्दील कर दिया गया, मगर हरियाली उजड़ गई। अब, मार्ग पर पेड़ नहीं सिर्फ धूप ही नजर आता है। इससे राहगीर चाहकर भी सड़क किराने नहीं रूक पाते। चिलचिलाती धूप में जलती सड़क पर कदम रखना मुसीबत भरा हो गया है। पेड़ की छांव न होने से मानो ऊपर से आग बरस रही है। बताते हैं कि 1.750 किमी. इस लंबी सड़क पर कहीं भी पेड़ नजर नहीं आ रहे। इससे इस क्षेत्र का तापमान भी बढ़ा नजर जाता है।
शहर की अधिकांश प्रमुख सड़कों की भले ही तस्वीर बदलती हुई दिख रही है मगर, कसक रह गई है जर्जर फुटपाथ की। अधिकतर जगहों पर चमकती सड़कों का दोनों किनारा बदरंग है। कहीं फुटपाथ नहीं तो कहीं इंटरलॉकिंग की ईंटें उखड़कर गायब हो गई हैं। नई सड़क बनने के बाद भी धूल का गुबार उड़ रहा है। नई सड़कों के किनारे बस फुटपाथ बन जाए और हरियाली की दृष्टि से पौधे लग जाएं तो शहर स्वच्छ और सुंदर दिखने लगेगा। लोगों का कहना है कि टूटी सड़कें, उजड़ा फुटपाथ, हरियाली की कमी शहर की आबोहवा बिगाड़ कर रख दी थी। हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही।
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रेलवे स्टेशन पर भी छांव नसीब नहीं
दक्षिण दरवाजा से रेलवे स्टेशन मार्ग की सड़क का शेष आधा हिस्सा दो साल पहले नगर पालिका ने 60 लाख खर्च कर चमका दिया था। मगर, सड़क के दोनों किनारे के फुटपाथ बदहाल अवस्था में छोड़ दिया गया है। यहां जर्जर सड़क की दुश्वारी कम तो हुई। मगर, फुटपाथ की हालत जर्जर होने से चमकती सड़क पर धूल का गुबार उड़ना बंद नहीं हुआ है। चौड़े डिवाइडर से पेड़-पौधे गायब हैं तो सड़क पटरियों पर भी पेड़ नहीं हैं, इससे छांव ढूंढ़ना मुश्किल है।
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मालवीय रोड पर कहीं-कहीं दिख रहे पेड़-पौधे
मालवीय मार्ग का भी यही हाल है। नगर पालिका में धनाभाव के चलते इस सड़क के जीर्णोद्धार का बीड़ा बीडीए ने उठाया था। 2.32 करोड़ की लागत से मरम्मत कार्य कराया गया था। इस सड़क के एस्टीमेट में फुटपाथ की मरम्मत का कार्य शामिल नहीं था। सिर्फ दोनों लेन की सड़क दुरुस्त हुई और बीच के डिवाइडर की मरम्मत कराई गई। सड़क तो चमक गई थी, मगर पेड़-पौधे कहीं-कहीं नहीं दिख रहे। दोनों किनारे बदरंग अवस्था छोड़ दिए जा रहे हैं। दोनों किनारों का फुटपाथ उजड़ा सा दिख रहा है। आवागमन के दौरान यदि कोई वाहन साइड देने के चक्कर में फुटपाथ पर उतर रहा है तो धूल उड़कर सड़क तक आ रही है। शहरवासी राकेश, राहुल, राज कुमार, शिवम, मो. इलियास आदि का कहना है कि यदि बैरिकेडिंग के साथ फुटपाथ भी नया कर दिया जाए और पौधे लगा दिए जाएं तो नई सड़कें टिकाऊ भी होंगी और शहर की सुंदरता भी बढ़ जाएगी।
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यहां हरियाली की भी हुई थी पहल
सात साल पहले मालवीय मार्ग के दोनों किनारे पर हरियाली विकसित करने की पहल हुई थी। नगर पालिका और प्रशासन की पहल से कुछ बैंक और निजी क्षेत्र के उद्यमियों की मदद से जगह-जगह ब्रिक गार्ड बनाकर पौधे लगाए गए थे। मगर, उनकी सुरक्षा नहीं हो पाई। इससे पौधे विकसित होने की जगह ब्रिकगार्ड सहित गायब हो गए हैं।
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फोरलेन बनने से गायब हो गया फुटपाथ
बड़ेवन से कंपनीबाग तक 1.750 किमी दूरी में सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ और हरियाली गायब हो गई गई। 22 मीटर चौड़ाई की जगह अधिग्रहीत की गई थी तो फुटपाथ और उस पर लगे पेड़-पौधे काटकर खत्म कर दिए गए। अब केवल 17 करोड़ से बनी 22 मीटर चौड़ी चमचमाती सड़क दिख रही है। पुराने समय में फुटपाथ के बाद बनाए गए मकान, दुकान, शोरूम अब फोरलेन से सट गए हैं। इतनी भी जगह नहीं है कि दोनों किनारों पर पहले की तरह हरियाली के लिए पौधे लगाए जा सकें। इस वजह से वन विभाग हरियाली की क्षतिपूर्ति के लिए पीडब्ल्यूडी से प्राप्त किया हुआ धन इस मार्ग के बजाय कहीं और खर्च कर रहा है। इससे इस सड़क से हरियाली गायब है, भले ही कहीं और पौधे रोपित कर रहे हो।
कोट
कंपनीबाग बड़ेवन मार्ग पर जितने पेड़ थे क्षतिपूर्ति की अदायगी हो गई थी। वन विभाग ने कहां पौधा लगवाया है जानकारी नहीं है। फिर भी सड़क पर सर्वे कराया जाएगा, जहां पौधे लगाने लायक होगा विभागीय समन्व्यक बनवाकर पौधरोपण के लिए पहल करेंगे।
-अवधेश कुमार, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, बस्ती।
कोट
मालवीय रोड, बड़ेवन-कंपनीबाग, रेलवे स्टेशन रोड पर हरियाली के लिए जहां जगह मिलेंगे, वहां पौधे लगाए जाएंगे। जो फुटपाथ जर्जर हैं यदि नपा के हिस्से में है तो उसे दुरुस्त कराया जाएगा। सफाई नियमित कराई जा रही है ताकि धूल न उड़े।
-अंगद गुप्ता, ईओ नगर पालिका, बस्ती।
कोट
बड़ेवन-कंपनीबाग फोरलेन निर्माण के दौरान जितने पेड़ प्रभावित हुए थे, उसके हिसाब से 10 गुना पौधे लगाए जाने थे। पीडब्ल्यूडी की ओर से जो क्षतिपूर्ति दी गई थी, उसके अनुसार, अलग जगहों पर जगह चिह्नित करके पौधरोपण कराया जा रहा है। कुछ पौधे लग भी गए हैं।
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-शिरीन सिद्दीकी, डीएफओ, बस्ती।
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