जिले की दो ग्राम पंचायतों में शिकायतों के बाद हुई जांच में तीन लाख 68 हजार रुपये के गोलमाल का मामला प्रकाश में आया है। डीएम ने गबन किए गए सरकारी धन की वसूली तत्कालीन ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी और तकनीकी सहायक से करने के निर्देश दिए है।
गौर विकास खंड के बेलघाट ग्राम पंचायत निवासी सदाबृक्ष चौधरी ने डीएम और सीडीओ से ग्राम पंचायत में पूर्व प्रधान इकबाल के कार्यकाल में मनरेगा से कराए गए कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर अधिशाषी अधिकारी प्रांतीय खंड, एई डीआरडीए की संयुक्त टीम ने मामले की जांच के बाद ग्राम पंचायत में वर्ष 2012-13 से 2013-14 तक मनरेेगा से नाली निर्माण, खंड़जा आदि के निर्माण कार्यों में अनियमितता पाई और रिपोर्ट में एक लाख 89 हजार 359 रुपए का दुरुपयोग पाया। रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन ग्राम प्रधान इकबाल अमहद, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी हरेंद्र प्रताप तिवारी और तकनीकी सहायक को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बाद तीनों से सरकारी धन के वसूली के निर्देश दिए गए। तत्कालीन प्रधान और सेक्रेटरी से 87898-87898 हजार रुपये और तकनीकी सहायक लक्ष्मण से 13563 रुपये की वसूली होनी है।
दूसरा मामला रुधौली थाना क्षेत्र के बभनी मिश्र गांव का है। यहां तत्कालीन प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी पर एक लाख 78 हजार 492 रुपये के सरकारी धन के गबन का आरोप है। गांव के मुमताज अली की शिकायत पर सीडीओ ने जिला ग्रामोद्योग अधिकारी, बीडीओ रुधौली और जेई आरईडी की तीन सदस्यी जांच टीम को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था। 22 जून 2014 को मामले की जांच के बाद विकास कार्यों में एक लाख 78 हजार 492 रुपये की अनियमितता सामने आई। इस मामले में प्रधान, ग्राम पंचायत अधिकारी से सरकारी धन की वसूली करने और वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश डीएम ने डीपीआरओ को दिए हैं।