बस्ती। वित्तविहीन शिक्षक संगठनों के मूल्यांकन बहिष्कार से समय पर कॉपियों का मूल्यांकन प्रभावित हो गया है। एक परीक्षक को 40 कॉपियां जांचनी हैं जबकि यह संख्या 20 से 25 पर ही टिकी है। जिले के चार मूल्यांकन केंद्रों पर छह लाख 21 हजार 294 कॉपियां जांची जाएंगी। इसके लिए 1650 परीक्षक लगाए गए थे।
दुश्वारियां बढ़ती देखकर अब यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य को गति देने के लिए राजकीय और माध्यमिक शिक्षकों ने शुक्रवार से कमान संभाल ली है। वित्तविहीन शिक्षकों के बहिष्कार को देखते हुए बोर्ड ने दो घंटे का समय बढ़ा दिया है। मूल्यांकन में गति देने के लिए शुक्रवार से राजकीय और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की भी तैनाती की गई है।
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट और हाईस्कूल की 590256 उत्तरपुस्तिकाओं में से शुक्रवार तक 1,76,000 कॉपियों का ही मूल्यांकन किया जा सका है। इसमें हाईस्कूल के मूल्यांकन केंद्र सकसेरिया इंटर कॉलेज में 1,02,700 उत्तरपुस्तिकाओं में 45 हजार तो श्री कृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज में 1,19,570 में से 42 हजार उत्तर पुस्तिकाओं की जांच हो हुई है। इंटरमीडिएट के मूल्यांकन केंद्र जीआईसी में 1,48,904 उत्तरपुस्तिकाओं में 49 हजार और जीजीआईसी में 2,19,082 उत्तरपुस्तिकाओं मे 40 हजार कॉपियां जांची गईं हैं। मूल्यांकन कार्य आठ दिन अभी और चलना है जबकि चार लाख कॉपियां शेष हैं।
सामाजिक विषय से बढ़ा सिरदर्द
हाईस्कूल के सामाजिक विज्ञान की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन सबसे ज्यादा जटिल बन गया है। द्वितीय प्रश्नपत्र का मूल्यांकन दो हिस्सों में किया जाना है। चार में से दो मूल्यांकन केंद्र पर करीब 85 हजार कॉपियों के बंडल हैं। द्वितीय प्रश्नपत्र दो भागों में है, जिसमें एक इतिहास तो दूसरे में भूूूगोल और अर्थशास्त्र के अध्याय हैं। दोनों भागों के लिए अलग-अलग शिक्षक मूल्यांकन करते हैं।
दूसरी भाषाओं का वापस होगा बंडल
श्रीकृष्ण पांडेय इंटर कॉलेज मूल्यांकन केंद्र पर पाली, तमिल, मलयालम, गुजराती और पंजाबी की कापियां बोर्ड ने भेजी है। इन भाषाओं की करीब 17 बंडल कॉपियां हैं, जिनके लिए परीक्षक ही नहीं हैं। प्रधानाचार्य योगेश शुक्ल ने बताया कि इन भाषाओं के परीक्षक उपलब्ध नहीं होने से इन्हें वापस किया जाएगा।
रसायन विज्ञान और अंग्रेजी के परीक्षक नहीं
जीजीआईसी की मूल्यांकन केंद्र प्रभारी नीलम सिंह ने कहा कि 40 हजार उत्तरपुस्तिकाओं की जांच हो चुकी है। बोर्ड से रसायन विज्ञान, अंग्रेजी के वित्तविहीन परीक्षक लगाए गए थे। मूल्यांकन का बहिष्कार करने के कारण दो विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच नहीं हो पा रही है। इसकी सूचना अधिकारियों की दी जा चुकी है। हाईस्कूल के मूल्यांकन केंद्र प्रभारी डॉ. ओपी श्रीवास्तव ने कहा कि विज्ञान में 39,720 उत्तरपुस्तिकाएं आईं थीं। परीक्षक न मिलने के कारण कॉपियां अभी बची हुईं हैं लेकिन गणित के परीक्षक उसकी जांच कराई जाएगी। जीआईसी के मूल्यांकन केंद्र के प्रभारी डॉ. शिवबहादुर सिंह ने कहा 49 हजार उत्तरपुस्तिकाओं की जांच हो गई है। भौतिक विज्ञान के लिए गणित के परीक्षक लगाए जाएंगे।
नए परीक्षक लगाए गए हैं: डीआईओएस
डीआईओएस डॉ. बृजभूषण मौर्य ने बताया कि जो दूसरी भाषाओं के बंडल आए हैं उन्हें बोर्ड को वापस भेजा जा रहा है है। जिन अन्य विषयों में परीक्षक की कमी आड़े आ रही है, उसके लिए नए परीक्षक लगा दिए गए हैं। शनिवार से सभी कॉपियों की जांच शुरू हो जाएगी। निर्धारित अवधि में मूल्यांकन कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।