विकास भवन मे रेशम अधिकारी की खाली कुर्सी।
नौ से 11 बजे तक कार्यालय में रहकर जन सुनवाई करने का शासन का आदेश पहले दिन ही फ्लॉप साबित हुआ। राजस्व और ग्राम्य विकास विभाग को छोड़कर अन्य विभागों में नौ बजे ताला लटका मिला। बीएसए और विकास भवन में स्थापित 13 विभागों के अफसर साढ़े नौ बजे तक पहुंचे ही नहीं थे। डीएम अरविंद सिंह समय से न पहुंचे वाले अफसरों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश सीडीओ अंजनी कुमार सिंह को दिया।
अमर उजाला की टीम ने सीएम के आदेश का असर जानने के लिए दफ्तरों की पड़ताल की। टीम सबसे पहले बीएसए कार्यालय गई, यहां पर ताला लटका मिला। स्टाफ भी नहीं पहुंचा था। जिला कृषि अधिकारी, डीपीआरओ, जिला गन्ना अधिकारी, प्रभारी सीबीओ और उनके कार्यालय के कर्मचारी मौजूद मिले। सदर तहसील में एसडीएम और तहसीलदार भी मौजूद मिले। उसके बाद टीम डीएम कार्यालय गई, वहां पर कर्मचारी काम करते मिले।
विकास भवन में सीडीओ , पीडी , डीडीओ और मनरेगा उपायुक्त सीडीओ के कक्ष में मौजूद थे लेकिन जिला विकलांग अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, मत्स्य, रेशम, एआरकोआपरेटिव, पीओ नेडा, पीओ बाल विकास विभाग, श्रम उपायुक्त, डीएसटीओ की कुर्सी खाली मिली। अधिशाषी अभियंता आरईडी गेट ही नहीं खुला था। यह सभी अधिकारी साढ़े नौ बजे तक कार्यालय नहीं पहुंचे थे।