कहाकुंभ से लौटे श्रद्धालुओं का गतंव्य तक पहुंचना मुश्किल
बस और ट्रेन की तलाश में हलाकान नजर आएं श्रद्धालु
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बस्ती। वसंत पंचमी पर स्नान कर प्रयागराज महाकुंभ से लौटे नेपाल के श्रद्धालुओं ने कहा कि त्रिवेणी में डुबकी लगाकर आध्यात्मिक उर्जा मिली, जीवन धन्य हो गया। धार्मिक यात्रा में पैदल भी चलना पड़ा। मगर ऐसी कोई असुविधा नहीं हुई जो खटकने वाली हो।
श्रद्धालुओं ने कहा कि वापस यहां तक तो पहुंच गए। अब यहां से आगे जाने के लिए साधन की तलाश है। बस स्टेशन पर बस न मिलने पर ट्रेन की तलाश में रेलवे स्टेशन आए हैं।
श्रद्धालु राम आशीष ने बताया कि रोडवेज डिपो पर सोनौली के लिए बस नहीं मिली तो ट्रेन के लिए रेलवे स्टेशन पर आ गए। महाकुंभ जाकर जीवन धन्य हो गया। वहां अनेकता में एकता दिखी। आध्यात्मिक उर्जा मिली। थोड़ी कठिनाई भी हुई। मगर, परवाह नहीं है। यहां पहुंचने पर गंतव्य के लिए साधन नहीं मिल रहा है।
शियाराम मंडल ने कहा कि महाकुंभ सभी को जाना चाहिए। वहां जाकर जीवन का मतलब समझ आया। हम घर में मोह माया में फंसे रहते हैं। इतने सुंदर आयोजन के लिए सरकार को बधाई है। महाकुंभ में संगम तक पहुंचने के लिए पैदल भी चलना पड़ा। संगम घाट तक सफाई की अच्छी व्यवस्था नजर आई। जगह-जगह भंडारा चल रहा था, इसलिए खाने-पीने में दिक्कत नहीं हुई।
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महाकुंभ के अपार भीड़ में पति बिछड़ गए थे। पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने हम लोगों को खोज कर मिलाया। भगवान को धन्यवाद है। महाकुंभ में दूर-दूर से भक्त पहुंचे थे। हम जैसों के लिए पैदल चलना कष्टकारी रहा। बढ़नी जाना है, बस नहीं मिली तो रेलवे स्टेशन पर आ गया हूं।
- बंटी देवी, श्रद्धालु
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महाकुंभ में दूर तक पैदल चलने में दिक्कत हुई। मगर धार्मिक केंद्र पर पैदल चलना अच्छा होता है। वसंत पंचमी पर महाकुंभ में सुंदर व्यवस्था को देख मन खुश हुआ। भोजन के लिए दिक्कत नहीं हुई। जगह-जगह भंडारा चल रहा था।
नवीन कुमार मेहता, श्रद्धालु