बस्ती। यहां जिस्मफरोशी का धंधा नया नहीं है। पहले रेलवे स्टेशन के पास इटैलिया मोहल्ले की तरफ से सभ्य लोग गुजरना पसंद नहीं करते थे। पुलिस की सख्ती से यहां पर जब रोक लगी तो स्पा सेंटर के रूप में यह धंधा पनपने लगा। जिले में स्पा सेंटरों का जाल है।
बताया जा रहा है कि जिन चार स्पा सेंटरों पर हाल ही में छापा पड़ा है, वहां कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, कुशीनगर और हापुड़ ये युवतियां बुलाई जाती थीं। सूत्र बताते हैं कि एक सप्ताह में युवतियों को दूसरे स्थान पर भेज दिया जाता था, ताकि स्पा सेंटर पर आने-जाने वाले लोग इनसे जान पहचान न बना लें और संचालकों को भेद न खुल जाए।
हालांकि, पुलिस ने जिन चार स्पा सेंटरों पर छापा मारा है, वहां पर कोई आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ में नहीं आया। सभी युवतियां बालिग थीं। यही वजह रही है कि पुलिस उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं कर पाई और उन्हें उनके घर भेज दिया। सदर कोतवाली क्षेत्र में स्पा सेंटरों की भरमार है। इसके अलावा हाईवे के किनारे भी स्पा सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं। यहां आने वाले लोग अपनी गाड़ी दूर खड़ी करते हैं या किसी अन्य साधन से आते हैं। ऐसा इसलिए करते हैं, ताकि उनकी पहचान उजागर न हो सके।
जस्ट डायल के जरिये काला धंधा चल रहा था। जस्ट डायल के जरिये ही ग्राहक स्पा सेंटर पर पहुंचते थे। शहर एवं पॉश इलाकों में रहकर स्पा सेंटर चलाने वाले संचालक भी गैर जनपद के निवासी हैं। संचालकों में शामिल 32 साल का राहुल कालिया पांडेय ग्राम आलमपुर थाना पिलखुआ जनपद हापुड़ का रहने वाला है। दूसरा 24 साल का दीपक यादव ग्राम नेदुला थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीर नगर, तीसरा 25 साल का विक्की चौहान ग्राम चक्सा हुसैन पचपेड़वा थाना गोरखनाथ जनपद गोरखपुर और चौथा संचालक 39 साल का मनोज कुमार जायसवाल ग्राम सिधवारी थाना फरेंदा जनपद महराजगंज का बताया गया है। पुलिस इन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कम समय में अधिक रुपये कमाने की ख्वाहिश में यह सभी इस धंधे के संचालक बन गए। इनका नेटवर्क सूबे के कई जनपदों से जुड़ा बताया जा रहा है। पकड़ी गईं अधिकतर महिलाएं कम उम्र में विधवा या तलाकशुदा बताई जा रही हैं।