विक्रमजोत। शुक्रवार से घाघरा एक बार फिर बढ़ना शुरू हो गई। बुधवार को गिरजा बैराज व बनबसा बैराज से 2.45 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है जो पिछले सप्ताह से सबसे ज्यादा है। अनुमान है कि यह पानी अब अयोध्या ब्रिज से पार कर रहा है। पहले से ही मुसीबत झेल रहे तटीय गांवों की मुश्किलें और बढ़ जाएगी।
लोलपुर-विक्रमजोत बांध पहले से ही संवेदनशील है। यहां गौरियानैन के सामने सर्वाधिक दबाव है। मुख्य धारा मुंडेरीपुर के सामने ठोकर नंबर एक व दो के बीच की जमीन को काट रही है। रामनगर, रानीपुर, कठवनिया आदि पर संकट बढ़ गया है। बम्बू, कैरेट वायर किट, ईटे भरी बोरियां व थोड़ी बहुत मात्रा में बोल्डर भी डाला जा रहा है।
दूसरे छोर पर स्थित भरथापुर, कल्याणपुर में पुराने जमाने में बने तीन ठोकरों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। ठोकर एक व दो में कटान तेज होने से सारे मजदूरों को वहां लगा दिया गया। दोपहर में एसडीएम हरिश्चंद्र सिंह ने कल्याणपुर पहुंच कर ग्रामीणों में टार्च बांटे।
अवर अभियंता ज्ञान प्रकाश जायसवाल ने बताया कि सप्ताह भर से नदी एक ही पाट से बह रही है जिससे कटान धारा के सापेक्ष में अलग अलग स्थलों पर हो रही है। बोल्डर की कमी है इसको उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया है। खबर के बाद शुक्रवार को चिकित्सकों की टीम प्रभावित गांवों में पहुंची और लोगों के बीच जरूरी दवाओं का वितरण की है।