बस्ती। शादियों के सीजन के बीच जिले में रसोई गैस सिलिंडर के लिए हाहाकार मचा हुआ है। एजेंसियों पर उमड़ रही भारी भीड़ और चिलचिलाती धूप के बीच घंटों लाइन में लगे उपभोक्ताओं की तबीयत तक बिगड़ रही है, लेकिन सिलिंडर मयस्सर नहीं हो पा रहा। मजबूरी में लोग ऊंचे दामों पर गैस खरीदने को तैयार हैं। वहीं, कॉमर्शियल सिलिंडर के लिए भी रोजाना सौ से अधिक आवेदन पहुंच रहे हैं, लेकिन कड़ी छानबीन और डीएसओ की संस्तुति के बाद बमुश्किल तीन-चार सिलिंडर ही मिल पा रहे हैं।
कटरा स्थित एजेंसी पर लाइन में खड़े उपभोक्ता अजय कुमार ने बताया कि पिछले तीन दिन से एक सिलिंडर के लिए कागज लेकर आ रहे हैं। लाइन लगाने के बाद भी पर्ची नहीं दी जा रही है। वहीं सुभावती देवी ने बताया कि इस तल्ख धूप में हम लोग एजेंसी के बाहर लाइन में खड़े हो रहे हैं और कर्मचारी अंदर शटर बंद करके कूलर और पंखा चलाकर बैठे हुए हैं। कहीं कोई जिम्मेदार हम लोगों की पीड़ा सुनने वाला नहीं है। इससे अच्छा होता महंगे दर पर खुलेआम ब्लैक सिलिंडर बेचा जाता।
वहीं निरंजन कुमार ने कहा कि जिला पूर्ति कार्यालय में शिकायत करने के बाद भी एजेंसियों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। जानबूझकर आम उपभोक्ताओं को परेशान किया जा रहा है। ताकि लोग मजबूर होकर चोरी के रास्ते ब्लैक सिलिंडर खरीदने पर विवश हो। इसमें विभाग की भी मिलीभगत है। दिनेश कुमार कहते हैं कि एजेंसियों की एक रणनीति के तहत टोकन और वितरण अलग-अलग जगह एक ही काउंटर से किया जा रहा है।