बस्ती। रसोई गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है। कई एजेंसियों पर दो से तीन दिन बीतने के बाद भी सिलिंडरों की आपूर्ति कंपनियों से नहीं हो रही है। रोजाना लाइन में लगकर उपभोक्ता थक जा रहे हैं। कनेक्शन, बुकिंग और टोकन मिलने के बाद भी निराश लोग दो हजार से लेकर 2200 रुपये में घरेलू सिलिंडर लेने का जुगाड़ खोजते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को जिले में संचालित 40 में से 16 गैस एजेंसियों पर सिलिंडरों की उपलब्धता शून्य रही।
शहरी क्षेत्र की पांच एजेंसियों पर सिलिंडरों की आपूर्ति साप्ताहिक बंदी के बाद भी मंगलवार तक नहीं हुई थी। इसके अलावा हर्रैया क्षेत्र की आठ और भानपुर क्षेत्र की दो तथा रुधौली क्षेत्र के एक एजेंसी पर सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हुई है। इन एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लाइन लगने के बाद भी वितरण नहीं हुआ। वहीं अन्य एजेंसियों पर बैकलॉग बढ़ गया है। बीस हजार से अधिक उपभोक्ता की क्षमता वाली शहर की आधा दर्जन एजेंसियों पर एक हजार से अधिक बैकलॉग हो गया है।
20 से 30 दिन पुरानी बुकिंग के बाद लोगों को सिलिंडर नहीं मिल पा रहा है। शहर की एजेंसियों से लेकर गोदाम तक भोर से ही लाइन लग रही है। मालवीय रोड स्थित महादेव गैस एजेंसी पर आपूर्ति नहीं होने से उपभोक्ताओं को निराश लौटना पड़ा। कटरा स्थित एजेंसी पर मौजूद उपभोक्ता परमात्मा प्रसाद ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से बुकिंग नंबर के साथ पहुंच रहे हैं। टोकन नहीं मिल पा रहा है। टोकन मिलने के बाद भी सप्ताह भर से अधिक समय तक सिलिंडर लेने में लग रहा है। होम डिलीवरी की व्यवस्था तो पूरी तरह ध्वस्त हो गई है।
वहीं स्टेशन रोड स्थित एजेंसी पर मौजूद उपभोक्ता रितेश कुमार ने बताया कि पंद्रह पहले ही उनकी बुकिंग हो गई थी। अभी तक घर तक सिलिंडर नहीं पहुंचा। एजेंसी पर आने के बाद टोकन भी नहीं मिल रहा है। लंबी लाइन देखकर पीछे हटना पड़ा। जबकि एजेंसी से होम डिलीवरी का दावा किया जा रहा है। वहीं एजेंसी संचालकों का कहना हैं कि डिमांड के हिसाब से सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हो रही है। रसोई गैस का संकट बढ़ रहा है। हम लोग चाहकर भी होम डिलीवरी नहीं कर पा रहे हैं।
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एजेंसियों पर हो रही झड़प
सिलिंडर नहीं मिलने पर उपभोक्ता काफी परेशान हो रहे हैं। नाराज उपभोक्ता एजेंसी कर्मचारियों से झड़प भी कर रहे हैं। तनाव बढ़ने पर पुलिस को बीच बचाव करना पड़ रहा है। यह हाल सभी एजेंसियों पर देखने को मिल रहा है। महिलाएं घर का कामकाज छोड़ बड़ी संख्या में सिलिंडर के लिए लाइन लगाने पहुंच रही है। सुनीता देवी ने बताया कि स्टेशन रोड स्थित एजेंसी पर वह तीन से चक्कर काट रही है। महिला होने के नाते भी उन्हें कोई तरजीह नहीं मिल रही है। लंबी लाइन में खड़े होने के बाद उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।
इन कंपनियों की आपूर्ति डगमगाई
सबसे ज्यादा इंडेन गैस कंपनी की आपूर्ति डगमगाई है। जिले भर में इस कंपनी की कुल 11 एजेंसी संचालित है। केवल हर्रैया क्षेत्र की तीन गैस एजेंसियों पर 1284 सिलिंडरों की आपूर्ति की गई है। इसके अलावा आठ एजेंसियों पर सिलिंडरों की आपूर्ति नहीं हुई है। वहीं भारत गैस कंपनी की ओर से 10 में से तीन एजेंसियों पर आपूर्ति नहीं की गई। जबकि एचपी गैस कंपनी ने 19 में से पांच गैस एजेंसियों पर आपूर्ति नहीं की है। वहीं तीनों कंपनियों की ओर से जिले भर में 10912 सिलिंडरों की आपूर्ति की गई है। जबकि डिमांड 20 हजार से अधिक सिलिंडरों की है।
रसोई गैस के लिए पिछले 15 दिन से परेशान हूं। ऑनलाइन बुकिंग के बाद उम्मीद थी होम डिलीवरी की सुविधा मिलेगी। 10 दिन तक इंतजार किए घर पर सिलिंडर नहीं पहुंचा। पांच दिन से एजेंसी पर आ रहे हैं टोकन नहीं मिल रहा है।
सर्वेश मिश्रा, उपभोक्ता।
हमें टोकन मिलने के बाद भी सिलिंडर नहीं मिल रहा है। गोदाम पर तीन दिन से खाली सिलिंडर लेकर लाइन लगा रहे हैं। रोजाना सिलिंडर की आपूर्ति नहीं होने की बात कहकर उपभोक्ताओं को लौटा दिया जा रहा है। घर पर गैस नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है।
दुर्गा नंद, उपभोक्ता।
कोट
रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति के लिए सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों को लगातार पत्र लिखा जा रहा है। जितनी आपूर्ति हो रही हैं उसका वितरण भी कराया जा रहा है। लगन में खपत बढ़ी है। इस वजह से थोड़ी समस्या हो रही है।
-विमल कुमार शुक्ल, डीएसओ।