मंडी समिति से खाली कराया गया गल्ला यार्ड।
बस्ती। एक महीने से अस्त-व्यस्त मंडी समिति की व्यवस्था कुछ हद तक पटरी पर लौटी है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। एक दिन पहले डीएम के निर्देश एडीएम और एसडीएम सदर मंडी समिति में पहुंचकर वस्तुस्थिति से वाकिफ हुए।
तत्काल प्रभाव से गल्ला मंडी के यार्ड में संचालित सब्जी और फल मंडी हटाने के निर्देश दिए गए। कुछ ही घंटों बाद यह कार्रवाई शुरू भी हो गई। अब यहां संचालित क्रय केंद्रों पर धान की खरीद शुरू कर दी गई है। मंडी की सड़क, नाली और चहारदीवारी के मरम्मत कार्य को लेकर एक महीने यहां की व्यवस्था अस्त-व्यस्त है।
आढ़तियों का कहना है कि एक सप्ताह के लिए सब्जी मंडी को गल्ला मंडी में शिफ्ट किया गया। इस अवधि में नाली और सड़क का मरम्मत कार्य पूरा करने के दावे किए गए थे। लेकिन, एक महीने बीतने के बाद भी यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ। मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर आढ़ती और बाहर से ट्रकों में फल, सब्जी लादकर लाने वाले कारोबारी सवाल उठा रहे हैं।
कुछ नालियां बनते ही टूट गई है। कारोबारी फिरोज का कहना है कि निर्माण कार्य की देखरेख के लिए जिम्मेदार विभाग के अधिकारी-कर्मचारी कभी नहीं आते हैं। इस वजह से गुणवत्ता का पालन नहीं हो पा रहा है। मनमाने ढंग से सड़क में कंकरीट का पैबंद लगाकर छोड़ दिया जा रहा है। अखबार में खबर छपने के बाद निर्माण एजेंसी में हलचल बढ़ी है। ठेकेदार को टूटी नालियों को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं परवेज ने बताया कि यदि मंडी समिति की निर्माण इकाई के जिम्मेदार पहले से सक्रिय रहते तो समय भीतर गुणवत्ता पूर्ण ढंग से मरम्मत कार्य पूर्ण हो गया होता। अंदरखाने में खेल तो कुछ और रहता है। इसमें अकेले ठेकेदार को ही दोषी कहना गलत होगा। विभागीय जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध है।