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ईंधन की महंगाई ने बिगाड़ा बजट, आटा-दाल के भाव बढ़े 17-02-19

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ईंधन की महंगाई ने बिगाड़ा बजट, आटा-दाल के भी भाव बढ़े
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बस्ती। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हर दिन वृद्धि का असर बाजार पर पड़ने लगा है। इस महंगाई के चलते जहां आटा -दाल के भाव बढ़ गए हैं, वहीं मसाला व किराना की कीमतों में भी बढ़ोत्तरी हो गई है। इसका सीधा असर उपभोक्ता की जेब पर पड़ रहा है। इसे लेकर जहां लोगों का बजट बिगड़ गया है, वहीं बाजार पर भी इसका प्रभाव दिखने लगा है।
हर दिन कीमत घटने बढ़ने से थोक व्यापारी एक साथ माल नहीं मंगा पा रहे हैं तो फुटकर दुकानदारों को भी कीमत के चलते परेशान होना पड़ रहा है। उनकी पूंजी बढ़ती जा रही है, जबकि मुनाफा कम हो रहा है। पिछले पंद्रह दिन में पेट्रोल व डीजल की कीमत में करीब 11 रुपये की वृद्धि हो गई है। इस बढ़ोत्तरी ने सभी सामानों के मूल्य बढ़ा दिए हैं। संवाददाता ने इसे लेकर थोक व्यापारियों, व्यापारी नेता व गृहणी से बातचीत की है।
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व्यापार को लग रहा चूना
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार गुप्त ने कहा कि ईंधन की कीमत बढ़ने से थोक व फुटकर व्यवसाय प्रभावित होने लगा है। इसके चलते जहां आम आदमी में व्यापारियों के प्रति अविश्वास हो रहा है वहीं व्यापारी की पूंजी बढ़ती जा रही और मुनाफा कम हो रहा है। इस सबकी जिम्मेदार तो सरकार है, मगर ठीकरा व्यापारियों पर फूट रहा है।
पूंजी बढ़ रही मुनाफा हो रहा कम
फुटकर व्यवसायी जगमोहन कसौधन ने कहा कि महंगाई बढ़ने से पूंजी बढ़ रही है। लाभ कम है। उपभोक्ता से हर दिन नोक-झोक हो रहा है। महंगाई की जिम्मेदारी सरकार की है और इसका निशाना व्यापारी हो रहा है। व्यापारियों पर उपभोक्ता का विश्वास घट रहा है। इससे व्यापार का भविष्य संकट में पड़ेगा।
कीमतें कब ठहरेंगी पता नहीं, अस्थिर है बाजार,
थोक गल्ला व्यापारी मनीष कसेरा कहते हैं कि माल मंगाते हुए भय लग रहा है कि क्योंकि बाजार अभी अस्थिर है। न जाने कब बाजार बैठ जाए और पेट्रो मूल्यों में वृद्धि हर दिन हो रही है। इस समय लगन व नवरात्रि पर्व है। माल मंगाना मजबूरी है। अस्थिर बाजार होने के कारण कम ईंधन का दाम कम हो जाए तो नुकसान उठाना पड़ा सकता है।
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मूल्यों पर सरकार का नियंत्रण नहीं
गृहणी रंजना अग्रवाल कहती हैं कि आए दिन सामानों की कीमतों में वृद्धि से व्यापारियों पर विश्वास कम हो जा रहा है। क्योंकि रोज कीमत नहीं बढ़ती, मगर इन दिनों तो बाजार में कीमतों में इस प्रकार उछाल हो रहा है जैसे सरकार का नियंत्रण ही बाजार पर नहीं है। बजट गड़बड़ा गया है। सरकार जोर का झटका धीरे से दे रही है। हर दिन पेट्रोल कीमत बढ़ाकर।
यह है गल्ला व किराना का तुलनात्मक आंकड़ा
किराना के थोक व्यवसायी सत्यप्रकाश जायसवाल के अनुसार
सामान, 15 दिन पहले कीमत, वर्तमान कीमत
काली मिर्च, 570 रुपये किलो, 620 रुपये किलो
बड़ी इलायची, 820 रुपये किलो, 870 रुपये किलो
काजू, 660 रुपये किलो, 720 रुपये किलो
पोस्ता, 1300 रुपये किलो, 1370 रुपये किलो
आटा, 2600 रुपये क्विंटल, 2800 रुपये क्विंटल
दाल, अरहर 8300 रुपये क्विंटल, 6500 रुपये क्विंटल
चीनी, 3710 रुपये क्विंटल, से 3770 रुपये क्विंटल
रिफाइंड आयल, 138 रुपये लीटर, 170 रुपये लीटर
धनिया खड़ी, 92 रुपये किलो, 120 रुपये किलो
जीरा, 240 रुपये किलो, 300 रुपये किलो
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