बस्ती। रमजान में फलों के दाम आसमान छू रहे हैं। रोजेदार जरूरत के हिसाब से फल नहीं खरीद पा रहे हैं। रमजान में इफ्तार और सेहरी के लिए खजूर, केला, तरबूज, पपीता, अंगूर और सेब जैसे ताजे फलों की मांग और दाम बढ़ गए हैं। सेहरी के समय रोजेदार फलों का सेवन करते हैं। गांधीनगर स्थित फल व्यवसायियों का कहना है कि रमजान और नवरात्र में हर साल फलों के दामों में इजाफा होता है।
बाजारों में सेब, केले, खजूर, तरबूज से लेकर अंगूर तक के दाम आसमान छू रहे हैं। इससे रोजेदारों की मुश्किलें बढ़ गई है। हर साल रमजान में फलों और सब्जियों की मांग बढ़ती है। इस बार महंगाई आम जनता की जेब पर भारी पड़ रही है। केला सौ रुपये दर्जन, अमरूद 150 और हरा अंगूर 200 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं।
गांधीनगर के निवासी निशान हैदर रिजवी ने बताया कि पहले जो फल किलो में खरीदे जाते थे, अब वही 250-500 ग्राम में लेने पड़ रहा हैं। वहीं छोटे दुकानदारों को भी इस महंगाई का असर झेलना पड़ रहा है। रोजेदारों ने बताया कि रमजान में इफ्तार के लिए फल जरूरी होते हैं, मगर महंगे दामों के कारण अब पहले जितनी खरीदारी करना मुश्किल हो गया है।
थोक विक्रेता लाल बाबू ने बताया कि हाल ही में फल की आपूर्ति में कमी आई है, जिससे दाम बढ़ गए हैं। रमजान के दौरान फलों की मांग बढ़ जाती है। क्योंकि रोजेदार इफ्तार में अधिक फल खाते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय मंडी में माल कम आ रहा है। आमतौर पर, इस सीजन में मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने से दाम ऊपर चले जाते हैं।