बस्ती। जिले में खेती-किसानी और बागवानी से जुड़े किसान कम लागत से अधिक लाभ ले सके इसके लिए पूर्व में चयनित दो हाईटेक नर्सरी में उच्च प्रजाति के पौधे उगाए जाएंगे। एक नर्सरी का निर्माण शुरू हो चुका है, जबकि एक पर काम जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
जिले में नई तकनीक से पौधे तैयार किए जाएंगे और रोपण भी किया जाएगा। 2.58 करोड़ से दो हाइटेक पौधशाला (नर्सरी) स्थापित की जाएंगी। इनमें फल और सब्जियों की उन्नत किस्म की पौध तैयार की जाएगी। पौधशाला के लिए जमीन मिलने पर हाईटेक पौधशाला का निर्माण उद्यान विभाग की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप इजराइली तकनीक के अनुसार शुरू कराया गया है।
नर्सरी का रखरखाव राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के क्लस्टर लेबल फेडरेशन के माध्यम से होगा। योजना के तहत स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों व आसपास के क्षेत्रों में मांग के अनुसार फल जैसे अनार, कटहल, नींबू, आम, अमरूद आदि व सब्जियों की उन्नत किस्म की पौध तैयार की जाएगी। किसान इन पौध शालाओं से फल सब्जियों की पौध लेकर खुद की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकेंगे।
जिला उद्यान अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में पौधशाला स्थापित करने के लिए दो स्थानों का चयन हुआ था। विकास खंड गौर के जलालाबाद में निर्माण शुरू है, जबकि सल्टौआ गोपालपुर के बघौली में चयनित भूमि पर बजट आने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
फलों व चयनित सब्जियों को उगाने के लिए दो नर्सरी तैयार होंगी। चार हेक्टेयर भूमि में एक नर्सरी स्थापित की जा रही है। बताया कि नर्सरी में पौध व उन्नतशील बीज उद्यान विभाग उपलब्ध कराएगा। एक नर्सरी से हर वर्ष औसतन 15 लाख शाक-भाजी, फल, औषधीय आदि पौधों का उत्पादन किया जा सकेगा।