बस्ती। जिले की बहुप्रतीक्षित परियोजना बस्ती-पीलीभीत मार्ग चौड़ीकरण में आई जमीन की अड़चन को दूर कर ली गई है। वन विभाग निदेशालय ने हरी झंडी दे दी है। इससे उम्मीद है कि जल्द ही कार्य शुरू होगा। हालांकि, अभी भारत सरकार से अनुमति न मिलने के कारण वन विभाग वर्कआर्डर जारी नहीं कर रहा है। इससे आगे का निर्माण कार्य रुका हुआ है।
बस्ती से पीलीभीत तक जाने वाली डुमरियागंज सड़क के चौड़ीकरण को लेकर अक्सर कुछ न कुछ तकनीकी मामला फंस जा रहा है। इससे कई बार कार्य शुरू होकर रुक जा रहा है। इधर, वन विभाग ने जमीनी अड़चन डाल दिया है। इससे सड़क चौड़ीकरण कार्य ठप पड़ा है। सड़क के गड्ढे जानलेवा साबित हो रहे और उभरी गिट्टियों के चलते बाइक सवार स्लिप कर जा रहे हैं। इससे आए दिन हादसे भी होते आ रहे हैं।
हालांकि, अब वन विभाग निदेशालय से प्रथम और सेकेंड फेज से हरी झंडी मिली है। भारत सरकार से अनुमति मिलनी है, जिसके बाद कार्य प्रारंभ हो जाएगा। बस्ती से सिद्धार्थनगर जनपद सीमा तक कुल 50 किमी. में चौड़ीकरण कार्य होना है। इस पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
सात से 12 मीटर चौड़ी हो रही है सड़क : सड़क चौड़ी होने से यहां वाहन फर्राटा भरते दिखेंगे। यह सड़क सात मीटर की जगह 12 मीटर चौड़ी की जा रही है। बस्ती सीमा में करीब 35 किलोमीटर और सिद्धार्थनगर जनपद सीमा में इस सड़क की लंबाई 15 किलोमीटर है।
यह परियोजना पीलीभीत-पीलीभीत मार्ग भी धरातल पर उतरने जा रही है। यह उतरौला, बेवा, भानपुर होते हुए मनौरी के निकट स्थित एनएच-28 से जोड़ा गया है।
18.84 हेक्टेयर जमीन पर मिल चुकी है मंजूरी : पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग की ओर से भानपुर तहसील क्षेत्र में बंजर भूमि के रूप में दो जगहों पर बैजीपुर में 14.734 हेक्टेयर और शाहूपार कोहरसा में 4.106 हेक्टेयर भूमि खोजकर पीडब्ल्यूडी के जरिये वन विभाग को 18.84 हेक्टेयर जमीन को वन विभाग को सौंप दी गई थी।
इसके बाद वन विभाग ने अधिग्रहीत भूमि के लिए निदेशालय को भेजा। जहां से प्रथम और द्वितीय चरण की जांच के बाद निदेशालय से हरी झंडी मिली और अब भारत सरकार का इस पर अनुमोदन मिलना है। इस मार्ग में 1288 पेड़ प्रभावित हो रहे हैं। बताया गया कि अब तक 661 पेड़ काट दिए गए हैं।