छरौंछा गांव में चिह्नित की गई है जमीन, मुख्यालय की तकनीकी टीम ने लिया जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में विधि विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) के लिए महसो के पास जमीन चिह्नित की गई है। पुलिस मुख्यालय की तकनीकी टीम ने भूमि का निरीक्षण कर भवन का नक्शा (ले-आउट) तैयार कर लिया है। एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि जल्द प्रयोगशाला का निर्माण शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।
2019 में शासन ने बस्ती समेत सभी मंडल मुख्यालय पर फोरेंसिक लैब बनाने का एलान कर दिया। यहां पर महसो के निकट छरौंछा गांव में दो हेक्टेयर जमीन चिह्नित की गई है। जिस पर जल्द ही नया फोरेंसिक भवन बनकर तैयार हो जाएगा। तब विसरा आदि की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह या 15 दिन के भीतर मिल जाएगी।
एक वर्ष में खुल जाएगी प्रयोगशाला
- एसपी हेमराज मीणा ने बताया कि नमूनों की त्वरित जांच रिपोर्ट आने लगे, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है कि जल्द प्रयोगशाला का निर्माण शुरू हो जाए। प्रयोगशाला के लिए मानक और अनुमानित लागत की वित्तीय स्वीकृति पहले से मिल चुकी है। बजट आवंटित होते ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। कोशिश है कि एक वर्ष के भीतर लैब को सक्रिय कर दिया जाए।
लैब में होंगे पांच अनुभाग
- विष अनुभाग - विसरा एवं रासायनिक विषों की जांच
- सीरम अनुभाग - रक्त संबंधित परीक्षण
- जीव विज्ञान अनुभाग - वीर्य, बाल, लार एवं बलात्कार संबंधित केसों की जांच
- भौतिकी अनुभाग - चेसिस/इंजन, मिट्टी, कापी राइट एक्ट संबंधित एवं विविध प्रकार के मामलों की जांच
- प्रलेख अनुभाग - हस्त लेख, कूट रचित दस्तावेज, हस्ताक्षर के मिलान
प्रयोगशाला बनने से जांच में आएगी तेजी
एसपी के मुताबिक वर्तमान में कोरोना संक्रमण के कारण विसरा रिपोर्ट आने में काफी देर हो रही है। इससे पूर्व भी समय लगता था। वर्तमान में सात नमूनों की रिपोर्ट कई महीने से आनी शेष है। इसके लिए दो बार रिमाइंडर भी भेजा जा चुका है। विवेचक स्तर से तीसरा पत्र लिखा गया है। जिले में विधि विज्ञान प्रयोगशाला बन जाने से विसरा समेत विभिन्न जांच रिपोर्ट एक से दो सप्ताह में मिल जाएगी। जिससे जांच में तेजी आएगी।