बस्ती। मालवीय मार्ग पर बाइक से जा रहे हैं तो हेलमेट के साथ चश्मा भी लगाकर चलिए, ऐसा न करने पर आंख खराब हो सकती है। यहां सड़क की मरम्मत के बाद दोनों तरफ के फुटपाथ जस की तस स्थिति में छोड़ दिए गए हैं। इससे चिलचिलाती धूप के बीच हवा चलने के दौरान सड़क पर धूल उड़ रही है।
यह राहगीरों की आंखों में पड़ रही है, जिससे आंख में लाली आ रही है। दर्द के साथ पानी गिरने की भी समस्या हो रही है। इसके अलावा सड़क के किनारे स्थित दुकान-मकान में भी धूल उड़कर जा रही है, जिससे लोग परेशान हैं। अभी हाल ही में मालवीय मार्ग की सवा दो किमी लंबी सड़क को मरम्मत करके चमकाया गया है।
इसकी कार्ययोजना बनाते समय जिम्मेदारों ने सड़क की दोनों पटरियों का ध्यान नहीं दिया। सिर्फ क्षतिग्रस्त सड़क और डिवाइडर के रिपेयरिंग कार्य के लिए ही 2.32 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया। बीडीए ने सड़क का मरम्मत कार्य तो पूरा करा दिया लेकिन, दोनों तरफ के फुटपाथ को जस के तस हालत में छोड़ दिया। फुटपाथ पर बिछाए गए इंटरलॉकिंग ईंट टूटकर कहीं टुकड़ों में बिखरे हैं तो कहीं गायब हो गए हैं। जबकि सड़क के दोनों तरफ ढाई से तीन मीटर चौड़ा फुटपाथ है।
वर्तमान में इस पर पैदल चलने लायक भी नहीं है। पैदल राहगीर से लेकर साइकिल, दो पहिया एवं चार पहिया सवार लोग सड़क पर ही चलने को मजबूर है। क्षतिग्रस्त फुटपाथ से समस्या नहीं हुई तो लोग चमकती सड़क से संतुष्ट रहे।
इधर, मौसम बदला तो धूल धूसरित रहने वाला फुटपाथ आवागमन में बाधा बन गया है। दिन में जैसे ही तेज हवा चल रही है फव्वारा तिराहे से लेकर रंजीत चौराहे तक फुटपाथ से धूल उड़ रही है। इस बीच यदि कहीं किसी वाहन का पहिया फुटपाथ पर उतर गया तो पीछे काफी ऊंचाई तक गुबार उड़ने लग रहा है।
जानकार लोग तो किसी तरह गमछा से मुंह, नाक, कान और आंख पर चश्मा लगाकर निकल रहे हैं। लेकिन, अनजाने लोग इस मार्ग पर यात्रा के दौरान परेशानी झेल रहे हैं। हवा चलने के दौरान वह धूल धूसरित हो जा रहे हैं। राहगीर अमन कुमार ने बताया कि बदन और कपड़े पर धूल उड़कर पड़े तो गनीमत है। सड़क पर उड़ने वाली धूल आंख में चली जा रही है। जिससे आंख में दर्द के साथ पानी भी निकल रहा है। हल्की सी चूक डॉक्टर के यहां पहुंचा रही है।