फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: आमाशय तक जा रहा मिलावटी खाद्य पदार्थ, सेहत पर खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
बस्ती। मिलावटखोरी का धंधा अपने शबाब पर है। खुले बाजार में खान पान के सामग्री मिलावट के साथ बेरोकटोक बेचे जा रहे हैं। होटलों और ढाबों पर परोसे जा रहे पके पकाए खाद्य सामग्री भी शुद्धता से परे है। घर की रसोई भी आपको सेहतमंद रखने में कारगर नहीं है। क्योंकि दुकानों से रसोई तक पहुंचने वाले दूध, ब्रेड, खोवा, पनीर, नमकीन, दाल, तेल आदि कच्चे खाद्य सामग्री भी मिलावटी हैं। इनसे तैयार किए जा रहे लजीज व्यंजन आमाशय तक पहुंच रही है। यह सेहत के लिए खतरनाक साबित हो रहा है।
विज्ञापन

खाद्य पदार्थों से काली कमाई करने वालों ने मिलावट के कई तरीके ईजाद कर लिए है। जिन सामग्रियों की खपत ज्यादा है वह मिलावटखोरों के निशाने पर आ जाता है। सामान्य लोग इसे पकड़ नहीं पाते हैं। खान पान में प्रयुक्त होने वाले अधिकांश सामग्री मिलावट के साथ बिक रहे हैं। सब्जियों तक में मिलावटखोरी हो रही है। थोक मंडी में यह खेल ज्यादातर है। जिससे फुटकर दुकानों तक मिलावटी खाद्य पदार्थों की आपूर्ति आसानी से हो रही है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाधन विभाग की ओर से खुद इसकी पुष्टि की जा चुकी है। जुलाई में हाईवे स्थित बड़ी मंडी में परवल की खेप पकड़ी गई। जिस पर कृत्रिम रंग चढ़ाया गया था। विभाग रंगे हुए 50 किलोग्राम परवल को नष्ट कराया था और नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। इसी तरह भिंडी, करेला जैसी हरी सब्जियों को कृत्रिम रंग से चमकदार बनाकर बेचा जा रहा है।
कारोबारियों ने कुछ ऐसे रसायन का भी ईजाद किया है जिसके इस्तेमाल से सब्जी और फलों में कई दिनों तक ताजगी बनी रहती है।
-
अन्न एवं दूध उत्पाद में भी मिलावट
विभिन्न तरह के दूध उत्पादों में भी मिलावट का धंधा जोरों पर है। खोवा में मैदे की मिलावट की जा रही है। सुगंध के लिए विशेष किस्म के इत्र भी मिलाए जाते हैं। सबसे अधिक बिकने वाले पनीर कृत्रिम ढंग से बनाया जा रहा है। इसके लिए कारोबारी विशेष तरह के सफेद लिक्विड से पहले बनावटी दूध तैयार करते हैं। इस दूध में रिफाइंड ऑयल मिलाकर पनीर तैयार कर दिया जाता है। इसी तरह बाजार में दाल और चावल भी कई किस्म के बेचे जा रहे हैं। सस्ते दर पर मिलने वाले अनाज में कंकर और पत्थर के महीन टुकड़े मिले रहते हैं। यह तो सिर्फ बानगी मात्र है इसी तरह सरसों तेल, नमकीन, ब्रेड, मक्खन आदि में भी मिलावट है।
विज्ञापन


सेहत के लिए मिलावटी खाद्य पदार्थ नुकसानदेह
मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत के लिए हर दृष्टिकोण से नुकसानदेह है। सब्जियों और फलों की ताजगी के लिए इस्तेमाल होने वाले रंग या केमिकल स्वास्थ्यवर्धक नहीं है। उसका कुछ न कुछ अंश आहार के रूप में शरीर में जाता है। इससे लीवर, किडनी पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा मिलावटी अनाज में कंकर, पत्थर होते हैं। आमाशय में पहुंचने के बाद इनका पाचन नहीं हो पाता है। जिससे यह शरीर के विभिन्न आंतरिक हिस्सों में पथरी का रूप ले लेता है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन के चलते ही लोगों की पाचन शक्ति कमजोर होती जा रही है।
-डॉ. रजत पांडेय, मेडिसिन विभाग, मेडिकल कॉलेज

तीन सामग्रियों के लिए गए सात नमूने
जुलाई में चलाए गए अभियान के तहत जिले में तीन खाद्य सामग्रियों के कुल सात नमूने लिए गए हैं। इसमें पनीर का नमूना लिया गया। जांच के बाद इसके असुरक्षित होने की पुष्टि हुई। यानी यह सेवन योग्य नहीं था। दूध का तीन नमूना जांच के बाद अधोमानक पाया गया। इसमें पानी के मिलावट की पुष्टि हुई। दाल के एक नमूने की जांच कराई गई। यह भी अधोमानक पाया गया। इसमें लकड़ी आदि के मिलावट की पुष्टि हुई। अप्रैल से अभी तक मिलावट खाद्या पदार्थों को लेकर एडीएम न्यायालय में 66 वाद दर्ज कराए गए। जिसमें 53 लोगाें पर 12,82,500 रुपये जुर्माना हुआ है।

मिलावटी खाद्य पदार्थों को लेकर लगातार छापेमारी की जा रही है। जहां पर स्थिति संदिग्ध होती है तत्काल नमूना लिया जाता है। जांच में मिलावट की पुष्टि होने पर कार्रवाई भी की जाती है।
विज्ञापन

-एके सिंह, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें