पुलिस लाइन परिसर में निर्माणाधीन आटा चक्की और स्पेलर का मिनी प्लांट। संवाद
बस्ती। पुलिस कर्मियों की तंदुरूस्ती सुधारने के लिए महकमे में नई पहल हो रही है। पुलिस लाइंस में शुद्ध आटा और तेल का उत्पादन होगा। 22 लाख रुपये की लागत से पुलिस लाइंस परिसर में प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है।
इसके लिए दो कमरे का पृथक भवन बन रहा है। जिसमें अत्याधुनिक आटा चक्की और स्पेलर स्थापित किया जाएगा। यहीं से खान पान में शामिल होने वाला आटा और तेल की आपूर्ति पुलिस कर्मियों के लिए की जाएगी। सबकुछ ठीक रहा तो अगले महीने से आटा चक्की और स्पेलर (सरसों पेरने वाली मशीन) चालू हो जाएगी।
पुलिस लाइंस में कच्चे अनाज की खरीद की जाएगी। इसके बाद शुद्धता के साथ गेहूं की पिसाई कर आटा और सरसों की पेराई कर तेल उत्पादित होगा। पुलिस लाइंस के मेस से लेकर थानों तक इसकी आपूर्ति की जाएगी। मिलावटखोरी से बचने के लिए पुलिस महकमे की ओर से यह नई व्यवस्था बनाई जा रही है। इससे पुलिस कर्मियों को अपने विभाग के ही चक्की का आटा और कोल्हू का तेल मिलने लगेगा।
महकमे के तमाम अधिकारियों, कर्मचारियों को बाजार के आटा और तेल का सेवन करने से लिवर, पाइल्स संबंधी बीमारियां हैं। उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आते ही खान- पान में सुधार लाने के उद्देश्य से आटा चक्की और स्पेलर का मिनी प्लांट स्थापित किया जा रहा है। इसका लाभ पुलिस परिवार के लोगों को भी मिलेगा। उचित दर पर लोग यहां से शुद्ध आटा और तेल की खरीदारी कर उसका सेवन कर सकेंगे।