नगर बाजार। कृषि विज्ञान केंद्र, बस्ती में मशरूम उत्पादन विषय पर पांच दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण शुरू हुआ। इसमें साऊंघाट, विक्रमजोत, कुदरहा और सदर ब्लॉक के 25 ग्रामीण युवक-युवतियां प्रतिभाग कर रहे हैं। केंद्र के अध्यक्ष डॉ. एसके तोमर ने मशरूम उत्पादन की व्यावसायिक संभावनाओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रेम शंकर, वैज्ञानिक (पादप सुरक्षा) ने प्रतिभागियों के पूर्व ज्ञान का मूल्यांकन किया। इसके बाद पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया, उपयुक्त प्रजातियों, गुणवत्तापूर्ण स्पॉन, सब्सट्रेट तैयार करने, बैग भरने, स्पॉनिंग, रखरखाव, फलन और कटाई की जानकारी दी।
डॉ. पीके मिश्रा, वैज्ञानिक (कृषि वानिकी) ने उत्पादन में कृषि अवशेषों के उपयोग, उत्पादन इकाई की स्थापना और अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में बताया। डॉ. अंजलि वर्मा, वैज्ञानिक (गृह विज्ञान) ने मशरूम के पोषण मूल्य, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की जानकारी दी। उन्होंने मशरूम पाउडर, अचार, नमकीन समेत अन्य उत्पाद तैयार कर अतिरिक्त आय अर्जित करने की संभावनाएं बताईं।
डॉ. वीबी सिंह, वैज्ञानिक (पादप प्रजनन एवं आनुवंशिकी) ने उन्नत किस्मों और गुणवत्तापूर्ण स्पॉन की भूमिका पर चर्चा की। आरवी सिंह, वैज्ञानिक (कृषि प्रसार) ने प्रशिक्षण के बाद व्यवसाय शुरू करने और बाजार से जुड़ने के तरीकों की जानकारी दी। हरिओम मिश्रा, वैज्ञानिक (कृषि विज्ञान) ने मशरूम उत्पादन में स्वच्छता, तापमान, आर्द्रता और वैज्ञानिक प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया।