पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना मुस्तफा बलरामपुर जिले के गैडास थाना क्षेत्र के नउवाडीह इटई रामपुर गांव का रहने वाला है। जबकि उसका सहयोगी नबीउल्लाह भी बलरामपुर जिले के सादुल्लानगर थाने के भेलया मदनपुर गांव का है। तीसरा सदस्य हबीर्बुर्रहमान ग्राम करमा खुर्द थाना दुधारा, जनपद संतकबीरनगर, चौथा सदस्य नबीबुल्लाह उस्मानी पुत्र नुरुल्लाह उस्मानी निवासी ग्राम नटवा, थाना कोतवाली, जनपद महराजगंज और पांचवां गुर्गा मणिकांत चौधरी नेपाल राष्ट्र के लुंबिनी थाना क्षेत्र के ग्राम पतिजिया का बताया गया है।
सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर, अयोध्या और बस्ती समेत पूर्वांचल के कई जनपदों में जाली नोटों की गड्डी चलाने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ा है। इसमें एक नेपाली व्यक्ति, गिरोह का सरगना समेत पांच लोग गिरफ्तार किए गए हैं। इनके पास से 4.20 लाख रुपये की जाली नोट, तीन मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस को शक हैं कि जाली नोटों की खेप नेपाल के रास्ते मंगाई जा रही थी।
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घटना का खुलासा करते हुए एएसपी श्यामकांत ने बताया कि वाॅल्टरगंज थाना, स्वाट टीम एवं सर्विलांस टीम की मदद से इस गिरोह को वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र के बक्सई तिराहे से गिरफ्तार किया गया है।
पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना मुस्तफा बलरामपुर जिले के गैडास थाना क्षेत्र के नउवाडीह इटई रामपुर गांव का रहने वाला है। जबकि उसका सहयोगी नबीउल्लाह भी बलरामपुर जिले के सादुल्लानगर थाने के भेलया मदनपुर गांव का है।
गिरोह में शामिल तीसरा सदस्य हबीर्बुर्रहमान ग्राम करमा खुर्द थाना दुधारा, जनपद संतकबीरनगर, चौथा सदस्य नबीबुल्लाह उस्मानी पुत्र नुरुल्लाह उस्मानी निवासी ग्राम नटवा, थाना कोतवाली, जनपद महराजगंज और पांचवां गुर्गा मणिकांत चौधरी नेपाल राष्ट्र के लुंबिनी थाना क्षेत्र के ग्राम पतिजिया का बताया गया है।
मणिकांत महराजगंज जिले के परसा मलिक थाना क्षेत्र के सौनहवा गांव में दिनेश कुमार चौधरी के घर पर रहता था। पुलिस के अनुसार यह लोग आसपास के जनपदों के ग्रामीण क्षेत्रों में घूमते रहते हैं। ज्यादातर पूर्वांचल ग्रामीण बैंक के ग्राहकों को अपना निशाना बनाते हैं।
जैसे ही कोई उपभोक्ता बैंक से रुपये निकालकर बाहर आता हैं यह लोग उसके पीछे लग जाते हैं। उसे तत्काल दोगुनी रकम देने का लुभावना वादा करते थे। जैसे ही इनके झांसे में कोई व्यक्ति आता था उससे उसकी रकम लेकर अपने पास से नकली नोटों की गड्डी थमा कर चल देते थे।
व्यक्ति को तत्काल दोगुनी रकम होने का भरोसा भी हो जाता रहा। क्योंकि नकली नोटों की गड्डी के ऊपर और नीचे कुछ असली नोट भी लगाए रहते थे। इस तरह के कई मामले पहले से संज्ञान में आने के बाद पुलिस काफी गोपनीय ढंग से इस गिरोह के पीछे पड़ी हुई थी।
मुखबिर की सूचना पर इन्हें पकड़ा गया है। पूछताछ के दौरान गिरोह के लोगों ने अन्य सदस्यों का भी नाम उजागर किया है।
उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें लगाई गई है। अभी अन्य बिंदुओं पर भी मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। नकली नोट नेपाल से मंगाए जाने का शक ज्यादा गहरा है। इनके पास से सात अदद एंड्रायड मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। जिसके बारे में भी छानबीन कराया जा रहा है।
एएसपी ने बताया कि इस गिरोह के झांसे में आकर ठगी के शिकार लोगों से भी संपर्क बनाया जा रहा है। जैसे-जैसे जानकारी मिलेगी जांच आगे बढ़ाई जाएगी। गिरफ्तार पांचों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। वहां से सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।