अगया बुजुर्ग में लालजादे का अग्निकांड में जला हुआ घर। संवाद
पैकोलिया। थाना क्षेत्र के बावरपारा और अगया बुजुर्ग गांव में सोमवार की रात अज्ञात कारणों से चार रिहायशी छप्पर में आग लग गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते आग ने भयावह रूप ले लिया। बावरपारा में परिवार के लोग भागकर किसी तरह जान बचाए। लेकिन, घर में बंधी 16 बकरियां जिंदा जल गईं। इसके अलावा गृहस्थी के अन्य सामान भी राख हो गए।
जानकारी के अनुसार गांव के लालजादे पुत्र सद्दीक के रिहायशी छप्पर में अचानक आग लग गई। शोर शराबा मचने ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया लेकिन, जब तक आग पर काबू पाते सबकुछ जलकर नष्ट हो गया था। छप्पर के घर में बंधी 16 बकरियां जिंदा जल गईं। पीड़ित गांव पर मजदूरी कर घर का खर्च चलाता है और बकरियों का पालन-पोषण करता है। घटना की सूचना हल्का लेखपाल को दी गई है।
वहीं दूसरी घटना मंगलवार सुबह दस बजे अगया बुजुर्ग गांव में हुई है। बताया जा रहा है कि जलालाबाद गांव के बाहर कहीं खरपतवार में धुंआ सुलग रहा था जोकि धीरे-धीरे आग की लपटों में तब्दील हुआ और पछुआ हवा का रुख पाकर अगया बुजुर्ग गांव की तरफ आग की लपटें बढ़ गई। इससे तीन लोगों का रिहायशी छप्पर जल गया। गांव के अर्जुन पुत्र गुल्ली का घर आग की चपेट में आ गया। उसमें रखा चारपाई, धान-गेहूं, बिस्तर, कपड़े, दरवाजा जलकर राख हो गया। वहीं पुन्नन गौतम की मड़ई में रखी साइकिल, धान-गेहूं, चारा मशीन, दरवाजे के सामने रखा भूसा जल गया। जबकि अनिल के मड़ई में चारपाई-बिस्तर, चारा मशीन,अनाज जलकर नष्ट हो गया।