बभनान। ढाई माह पहले चीनी मिल कर्मी की मौत नहीं बल्कि हत्या की गई थी। गोंडा जिले के छपिया थाने में बुधवार को बभनान सुगर मिल के उप महाप्रबंधक बेचन सिंह,सीजीएम बीके यादव,आरआर सिंह,लेबर ऑफिसर केपी सिंह के विरुद्घ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होते ही खलबली मच गई। आरोप है कि ग्रेड-पे के भुगतान को लेकर बढ़े दबाव की खीझ में असुरक्षा के माहौल में ड्यूटी कराया।
छपिया थाने के सिसई रानीपुर निवासी बद्री प्रसाद 18 दिसम्बर 2017 को ड्यूटी कर रहे थे। उसी समय लोहे का राड गिरने से घायल की अस्पताल ले जाते समय मौत गई थी। मृतक के पुत्र सौरभ मिश्रा ने थाने में तहरीर देकर मिल प्रबंधन से पे-ग्रेड बढ़ाने की मांग को लेकर कई बार कहासुनी की बात बताई। आरोप है कि मांग वापस न लेने पर नौकरी से निकाले जाने की लगातार धमकी दी जा रही थी। उनकी शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना के चलते मौत हुई थी। आरोपी मिल के प्रशासनिक अधिकारी बेचन सिंह ने जानकारी होने से इनकार किया। वहीं छपिया थाने के एसओ शैलेश सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज करके तफ्तीश की जा रही है।
मिल के मुख्य महाप्रबंधक बीके यादव ने सारे आरोप को खारिज करते हुए दलील दी कि मृतक मिल कर्मी के परिवार वालों को उसी समय सहायता राशि उपलब्ध करा दी गई थी।