गुणवत्ताविहीन सीमेंट के उपयोग से छत में आई दरारें
संवाद न्यूज एजेसी
बस्ती। खराब गुणवत्ता वाले सीमेंट निर्माण का दोषी पाते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने सीमेंट निर्माता कंपनी और विक्रेता पर 6,10,110 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, उपभोक्ता को मानसिक व शारीरिक क्षति के लिए एक लाख 50 हजार रुपये व वाद व्यय के रूप में 35 हजार रुपये भुगतान का आदेश दिया है।
महसों इटिया टोला निवासी संतोष कुमार पांडेय ने एक ब्रांडेड कंपनी का सीमेंट का प्रयोग कर भवन निर्माण कराया था। निर्माण के कुछ ही माह बाद भवन के छत में दरारें आ गईं । इसकी शिकायत पीड़ित ने सीमेंट निर्माता कंपनी और विक्रेता से की। संतोषजनक जवाब न मिलने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग बस्ती में वाद दायर किया। वादी का कहना है कि इंजीनियर के मार्गदर्शन में भवन निर्माण करवाया गया था। पर्याप्त सावधानी बरतने के बावजूद छत में दरारे आ गईं।
पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता कृष्ण कुमार उपाध्याय ने पैरवी की। मामले की सुनवाई करते हुए आयोग के अध्यक्ष अमरजीत वर्मा ने कहा कि सीमेंट की गुणवत्ता खराब होने के कारण भवन निर्माण में लगाई गई अन्य सामग्री भी नष्ट हो गई। इससे वादी को भारी नुकसान उठाना पड़ा। जांच में सामने आया है कि गुणवत्ता विहीन सीमेंट के कारण ही छत में दरारें आईं हैंं। आयोग के अध्यक्ष व सदस्य अजय प्रकाश शाही के संयुक्त निर्णय में यह भी कहा गया है कि क्षतिपूर्ति समय से न देने पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ संबंधित धनराशि का भुगतान करना होगा।