सरयू नदी के आगोश में समा रहे खेत
खेतों में भरा पानी, जलस्तर बढ़ता रहा तो आवागमन भी हो जाएगा अवरुद्ध
संवाद न्यूज एजेंसी
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को खतरे के निशान को पार कर गया। इस वजह से निचले इलाकों व खेतों में नदी का पानी भरने लगा है। यदि जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो गांव में आने जाने वाले रास्ते भी प्रभावित हों जाएंगे। बढ़ते जलस्तर से नदी किनारे बसे ग्रामीणों में भय का माहौल है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की माने तो शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 को पार कर गया। नदी के बढ़े जलस्तर से पानी घघौवा स्थित घृत नाले के रास्ते हाइवे पार कर खेतों में पहुंच रहा है। किसानों की फसलें नदी के पानी में डूबने लगी हैं और पानी सिकंदरपुर तालाब में पहुंचने लगा है। इसके साथ ही नदी लोलपुर विक्रमजोत तटबंध से सट कर बहने लगी है। विक्रमजोत ब्लॉक के तटबंध विहीन गांव भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, संदलपुर सहित गांवों से नदी का पानी सटकर बह रहा है। गांव को कटान से बचाने के लिए बाढ़ खंड की ओर से बनाए गए कटर डूब गए हैं व डैंपनर भी डूबने लगा है। गांव के जितेंद्र सिंह, हेमंत पांडेय, अभिषेक शर्मा, शिवकुमार, राजकुमार, विनोद सहित लोगों का कहना है कि नदी गांव से सट गई, जिससे पानी खेतों में भर गया है। फूलडीह कल्यानपुर मार्ग के दोनों ओर नदी का पानी भर गया है। यदि जलस्तर में इजाफा हुआ तो मार्ग अवरुद्ध हो जाएगा। एसडीएम हर्रैया सुखबीर सिंह ने कहा कि प्रभावित क्षेत्र में टीम मुस्तैद है। हालात पर नजर रखी जा रहा है।