बस्ती। जिले के साथ ब्लॉक मुख्यालय बुनियादी सुविधाओं से लैस होंगे। परिसर में अपने किसी काम से आने वाले नागरिकों, आगंतुकों और ब्लॉक स्टाफ के लिए शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए आरओ सिस्टम लगाया जाएगा। डीएम डॉ. राजशेखर ने बुधवार को सीडीओ अरविंद पांडेय को निर्देशित किया है कि सभी के लिए आरओ सिस्टम, स्वच्छ परिसर, प्रदर्शन के लिए अच्छा मॉडल प्रधानमंत्री आवास, आगंतुकों के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था, अच्छी स्पीड वाला ब्रॉडबैंड नेटवर्क, स्वच्छ शौचालय आदि की 15 अगस्त तक समुचित उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए।
बुधवार को अचानक साऊंघाट ब्लॉक पहुंचे डीएम ने देखा कि तीन कंप्यूटर ऑपरेटर मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना का काम कर रहे थे लेकिन नेट बहुत धीमा होने के कारण कार्य संपादन में बाधा आ रही थी। डीएम ने सीडीओ से बीएसएनएल के टीडीएम से बात करके सर्वोत्तम कनेक्टिविटी के लिए प्रत्येक ब्लॉक को ब्रॉडबैंड लीज लाइन उपलब्ध कराने को कहा। 82 गांवों में से सिर्फ 26 गांवों में मनरेगा कार्य चल रहा था। बीडीओ ने मौसम को वजह बताया। डीएम ने शनिवार तीन अगस्त तक ब्लॉक में लंबित सभी प्रधानमंत्री आवास प्रस्ताव बिना चूक के मंजूर करने के लिए डीआरडीए के परियोजना निदेशक और बीडीओ को निर्देशित किया। बकौल डीएम दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि ब्लॉक कार्यालय में स्वच्छ पेयजल सुविधा ही नहीं है। सभी अधिकारी, कर्मचारी और आगंतुक पेयजल के लिए हैंडपंप का उपयोग कर रहे थे। आरओ प्रणाली कुछ दिनों से काम न करते देखकर खेदजनक स्थिति बताया। बीडीओ को हिदायत लगाई कि आरओ सिस्टम की मरम्मत करने में वह सक्षम नहीं है।
साऊंघाट ब्लॉक में घपला, सभी फाइलें सील
बस्ती। साऊंघाट ब्लॉक के विकास कार्यों में घोर अनियमितता पकड़ी गई है। इसमें सारे नियम-कानून ताक पर रखकर चहेतों को टेंडर देकर करोड़ों का काम कराया गया। डीएम डॉ. राजशेखर ने सभी 17 फाइलें और निविदा रजिस्टर जब्त करते हुए कब्जे में ले लिया। उन्होंने मुख्यालय की टीम को तकनीकी और वित्तीय जांच के लिए आदेश दिया है।
बुधवार को औचक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम डॉ. राजशेखर आश्चर्यचकित रह गए जब देखा कि प्रत्येक वर्ष केवल तीन निविदाएं जारी की गईं और तीनों कार्य एक ही व्यक्ति/फर्म से कराया जाता रहा है। निविदा में चरित्र प्रमाण पत्र और हैसियत प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेज भी नहीं हैं फिर भी बिना निविदा काम कराया गया और भुगतान भी कर दिया गया। वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में कुल 17 कार्य स्वीकृत किए गए थे। वर्ष 2018-19 में आज तक कोई काम स्वीकृत नहीं हुआ था। बावजूद इसके जो काम हुए भी उनमें निविदा सूचना, निविदा स्वीकृति और कार्य निष्पादन में नियमों, शर्तों का उल्लंघन किया है। डीएम ने बताया कि उनके लिए आश्चर्यजनक और आपत्तिजनक रहा कि बीडीओ सहित ब्लॉक के किसी भी कार्यालय में फील्ड विजिट रजिस्टर नहीं है और न ही किसी निरीक्षण के संबंध में कोई टिप्पणी भी दर्ज नहीं मिली।
सबसे खराब स्वच्छता, शोकाज नोटिस
स्वच्छ भारत मिशन में ब्लॉक का प्रदर्शन जिले में सबसे खराब पाया गया। बीडीओ और एडीओ पंचायत को चेतावनी दी कि इसी हफ्ते में सुधार लाएं तथा दिए गए लक्ष्य को पूरा कराएं। जिन ग्राम पंचायत सचिव, स्वच्छता प्रेरकों और प्रधानों की वजह से ब्लॉक की स्थिति खराब हुई उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। डीएम ने बताया कि इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ तो पंचायत सचिवों, स्वच्छता प्रेरकों और प्रधानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।