बस्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय विजय कुमार कटियार की अदालत ने गैर-इरादतन हत्या के मामले में पिता-पुत्र को तीन वर्ष सश्रम कारावास व प्रत्येक को दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न अदा करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
हर्रैया थानाक्षेत्र के मिर्जापुर गांव निवासी द्वारिका प्रसाद पाल ने तहरीर देकर कहा कि 12 जनवरी 2016 समय 2.30 बजे दिन में गांव के जेठू पाल पुत्र महावीर पाल, राजेश पाल पुत्र जेठू पाल ने उसकी जमीन पर कब्जा करने लगे। मेरी भाभी सुराती मना करने लगी, इसी पर नाराज होकर गाली देते हुए हुए लाठी-डंडा से मारने-पीटने लगे। सुराती देवी के सिर पर चोटें आईं। गांव के तमाम लोग इकट्ठा हो गए और बीच-बचाव किया। इलाज के दौरान सुराती देवी की मृत्यु हो गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज करके आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया था। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के उपरांत पिता-पुत्र को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। संवाद