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Basti News: खाद के अभाव में अटकी बुवाई समितियों पर भटक रहे किसान

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सहकारी समिति गायघाट पर डीएपी बंटने की जगह सूख रहे कपड़े- संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुदरहा। ब्लाॅक में रबी फसल की बुवाई का समय आते ही किसानों को खाद उपलब्ध कराने की तैयारी की हवा निकल गई है। खेत तैयार कर किसान डीएपी खाद के लिए समितियों का चक्कर लगा रहा है। दूसरी तरफ सहकारी समितियों पर ताला लटक रहा है। अपने खेतों में गेहूं की बुवाई नहीं कर पा रहे किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
क्षेत्र के बहुसंख्यक किसानों ने सरसों एवं गेहूं की बुवाई के लिए खेत तैयार कर लिए हैं। अब डीएपी खाद की कमी से खेतों में बीज नहीं डाल पा रहे हैं। ब्लाॅक के करीब 20 हजार किसानों को समय से खाद उपलब्ध कराने के लिए ब्लाॅक की आठ साधन सहकारी समिति को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें से कुदरहा समिति पर दो बार एवं पिपरपाती में सिर्फ एक बार ही खाद का वितरण हो पाया है। पिपरपाती समिति में 250 बोरी खाद पहुंच गई है, लेकिन चार दिन बाद भी खाद किसानों में नहीं बट पाई। कई समितियों पर एक बोरी भी खाद नहीं पहुंची है, जहां खाद उपलब्ध है वहां किसानों की भारी भीड़ लग जा रही है।
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दिन रात जाग कर किसान खाद के लिए परेशान हैं। परसांव के चंद्रदेव पाल ने बताया कि खेत तैयार है, और डीएपी की कमी से बुवाई नहीं कर पा रहा हूं। चकिया के जितेंद्र ने कहा कि समय से खाद उपलब्ध कराने का दावा तार-तार हो गया है। किसी भी समिति पर खाद नहीं बट रही है। टेगरिहा के मुन्नर का कहना है कि बुवाई पीक पर है, और समितियों पर खाद की कमी है। शीघ्र प्रबंध नहीं होगा तो बुवाई नहीं हो पाएगी। गाना के किसान शंभू मिश्रा ने बताया कि खाद की उठान हुई है। गायघाट समिति के बजाय गाना में एक प्राइवेट मकान में डीएपी खाद डंप है, लेकिन सचिव मोबाइल बंद कर घूम रहा है। जनवल निवासी नजीर अहमद ने बताया कि इस सत्र में गायघाट समिति पर एक भी किसानों को खाद का वितरण नहीं किया गया है। समय से खाद नहीं मिलने के कारण किसान परेशान हैं, और प्राइवेट दुकानों पर 1650 रुपये प्रति बोरी डीएपी बिक रही है। मजबूरी में किसानों को अंकित मूल्य से अधिक रुपया देकर खाद लेना पड़ रहा है ।
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