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किसानों को आईडी प्रूफ लाना होगा

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गेंहू
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 गेहूं की खरीद सीधे किसानों से हो इसके लिए एक नया फार्मूला तैयार किया गया है। इसके तहत अब किसानों को क्रय केंद्रों पर गेहूं विक्रय करते समय अपने साथ किसान जोत बही, किसान क्रेडिट कार्ड, खतौनी, पासबुक, फोटो युक्त पहचान पत्र आदि में से कोई एक प्रमाण पत्र ले जाना होगा। इससे क्रय क्रेंद्रों पर प्रभारियों को उनकी पहचान के समय आसानी होगी। 
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दरअसल, गेहूं की खरीद के समय बिचौलिए सक्रिय हो जाते हैं और वे किसानों से औने-पौने दामों में गेहूं खरीदकर क्रय केंद्रों को बेंच देते हैं। इसे दूर करने के लिए इस बार गेहूं की खरीद सीधे किसानों से करने का निर्णय लिया गया है। गेहूं विक्रय के दौरान क्रय केंद्रों पर किसानोें को अपना पहचान पत्र लाना होगा। वहीं खरीद के बाद उनका भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में आरटीजीएस के जरिए भेजा जाएगा।

जिन केंद्रो पर आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था नहीं होगी वहां किसानों को भुगतान अकाउंट पेयी चेक के माध्यम से किया जाएगा। पिछले साल जिले में 76 क्रय केंद्र थे, जो इस बार घटकर 72 हो गए हैं। किसानों के पास उपलब्ध जोतबही, खसरा खतौनी आदि में  अंकित भूमि से प्रति हेक्टेयर की उत्पादकता पर आंकलित मात्रा के आधार पर गेहूं की खरीद की जाएगी। 
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किसानों से अधिकतम 38 क्विंटल प्रति हेक्टेयर गेहूं की खरीद की जानी है। जिले में क्रय केंद्रों की स्थापना हो चुकी है, मगर अभी तक किसी भी केंद्र पर गेहूं खरीद शुरू नहीं हुई है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी संजय कुमार पांडेय ने बताया कि किसानों को इस बार बिचौलियों से बचाने की पूरी व्यवस्था है। गेहूं बिक्री से जुड़ा किसानों का पुराना बकाया कोई नहीं है।
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