सिद्धार्थनगर। जिले में कटाई के समय पर मौसम के अचानक बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं, सरसों और मटर की फसल तैयार है, वहीं कई जगह कटाई के बाद खेतों में फसल सूखने के लिए पड़ी है। ऐसे में आंधी, बारिश और गरज-चमक के अलर्ट ने फसलों के लिए संकट खड़ा कर दिया है।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में जिले और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम है जबकि न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.0 डिग्री अधिक है।
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक तेज हवा चलने पर गेहूं जैसी फसल के गिरने (लॉजिंग) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होती है। वहीं, बारिश होने पर खेतों में पड़ी कटी फसल में नमी बढ़ने से दाने काले पड़ सकते हैं और अनाज की गुणवत्ता खराब हो सकती है। ग्रामीण इलाकों में किसान इस समय तेजी से कटाई और मड़ाई में जुटे हैं, लेकिन मौसम के बदलते रुख ने काम की रफ्तार को प्रभावित किया है। कई किसान जल्द से जल्द फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं।
इटवा क्षेत्र के किसान रामलखन यादव का कहना है कि अगर एक-दो दिन भी मौसम खराब रहा तो भारी नुकसान हो सकता है। कटी फसल को बचाना सबसे बड़ी चुनौती है। वहीं, डुमरियागंज क्षेत्र के किसान सुनील चौधरी ने बताया कि तेज हवा से खड़ी फसल गिरने का डर बना हुआ है, जिससे पैदावार पर असर पड़ेगा।
मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि अधिकतम सापेक्षिक आर्द्रता 89 प्रतिशत और न्यूनतम 46 प्रतिशत दर्ज की गई। हवा की गति 3.1 किमी प्रति घंटा रही और दिशा दक्षिण-पश्चिमी रही।