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मेडिकल कॉलेज में चार वर्ष से बंद है फेको मशीन से आपरेशन

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मेडिकल कॉलेज में चार वर्ष से बंद है फेको मशीन
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बस्ती। मेडिकल कॉलेज में आंख के ऑपरेशन के लिए स्थापित फेको मशीन चार वर्ष से बंद है। मशीन के अभाव में विशेषज्ञ चिकित्सक मैनुअल आपरेशन करते हैं।
चिकित्सक के मुताबिक वर्ष भर में पांच सौ से अधिक आपरेशन मैनुअल ही किया जाता है। मशीन को दुरुस्त कराने के मेडिकल कॉलेज के तमाम प्रयास असफल हो चुके हैं। जिले के ओपेक चिकित्सालय कैली में करीब पांच वर्ष पहले फेको मशीन स्थापित कराई गई थी। अत्याधुनिक विधि से आंखों के मोतियाबिंद सहित तमाम आपरेशन करने वाली यह मशीन वर्ष तो ठीक-ठाक चली, मगर इसके बाद इसमें प्रयोग होने वाले कैसेट की कमी से इसे बंद कर देना पड़ा। इसी बीच कैली की संबद्धता मेडिकल कॉलेज से हो गई।
सब कुछ कॉलेज प्रशासन के हाथ में चला गया। इसके बाद मशीन को ठीक कराने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार कहते हैं कि अब तक दर्जन भर से ज्यादा पत्र कंपनी व शासन को भेजे जा चुके हैं। इंजीनियर यहां तक आकर उसे दुरुस्त नहीं कर सके।
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उल्लेखनीय है कि मशीन की स्थापना के समय कैली को पीएमएस संवर्ग संचालित करता था, मगर मेडिकल कॉलेज की संबद्धता के बाद इसका संपूर्ण संचालन चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग के हाथ में चला गया और मशीन के देखरेख का अनुबंध पीएमएस के समय हुआ था। हालांकि प्राचार्य बताते हैं कि इसे ठीक करने के लिए इंजीनियरों की टीम दो बार आ चुकी है, मगर कुछ खास नहीं हो सका।
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बोले, नेत्र सर्जन
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित शाही कहते हैं कि फेको मशीन ठीक होती तो ऑपरेशन का ग्राफ और बढ़ जाता, मगर जब से आए हैं तब से वह खराब ही मिली है। कहा कि प्राचार्य से बात की गई है। बताया गया है कि मशीन को ठीक कराने के लिए शासन को संदर्भित किया गया है। जल्द से जल्द मशीन दुरुस्त हो जाएगी।
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