बस्ती। सीएचसी गौर के आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर गयाजीतपुर का चयन नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड कार्यक्रम के तहत हुआ था। चयनित सेंटर का वर्चुअल मूल्यांकन बृहस्पतिवार को भारत सरकार की नामित टीम ने किया। टीम में शामिल डॉ. डी दास और डॉ. विनोद कुमार ने जांच करते हुए फीडबैक लिया। सीएचओ रवि प्रकाश के मोबाइल पर वीडियो कॉल के जरिये आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थिति जांची।
टीम ने सुबह 11 बजे से लेकर शाम चार बजे तक आयुष्मान आरोग्य मंदिर का वर्चुअल मूल्यांकन किया। भवन, साफ-सफाई, पेयजल, मरीजों के लिए उपकरण, जांच और अन्य सुविधाएं जांची। इस दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर तैनात सीएचओ और एएनएम प्रतिभा शुक्ला से भारत सरकार की टीम ने सवाल-जवाब भी किए।
जिला परामर्शदाता नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड डॉ. अजय कुमार ने बताया कि आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से ग्रामीण जनता को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार की ओर से नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जनपद में भी आयुष्मान आरोग्य मंदिर चयनित किए गए हैं, ताकि ग्रामीण स्तर पर गुणवत्तापरक और आवश्यक संसाधन सहित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके। इसके अलावा सीएचओ मुकेश, मनीष, विनोद पाल, संध्या बघेल ने सहयोग किया।
एआरओ, बीपीएम, बीसीपीएम, आशा कार्यकर्ता जंतीरा, कुशमावती, शर्मिला पांडेय, आशा संगिनी रिंकू आदि मौजूद रहे। सीएचओ ने बताया कि सालाना ओपीडी पांच हजार से अधिक है, वहीं, प्रतिमाह चार से पांच सौ की ओपीडी होती है। टीम ने मातृ-शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, हाइपरटेंशन, शुगर, कैंसर आदि की स्क्रीनिंग, परिवार नियोजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संपादित होने वाली सेवाओं आदि का 70 अंकों में मूल्यांकन किया। संवाद