बस्ती। बारिश और उमस के बीच जिला अस्पताल में आंखों की एलर्जी और संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बच्चों में आंखों में लालिमा, खुजली, जलन, सूजन और पानी आने की शिकायतें अधिक सामने आ रही हैं। चिकित्सकों के अनुसार, वातावरण में बढ़ी नमी, फफूंद, दूषित पानी और साफ-सफाई में लापरवाही इसके प्रमुख कारण हैं। वहीं, मौसम में बदलाव से बच्चों की त्वचा पर दाने और तेज खुजली की समस्या भी बढ़ी है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सारिब सुहेल ने बताया कि बारिश के दौरान नमी बढ़ने से फफूंद और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। दूषित पानी के संपर्क में आने और गंदे हाथों से आंखें छूने से संक्रमण व एलर्जी का खतरा बढ़ जाता है। बारिश के पानी में खेलने वाले बच्चों में भी यह समस्या देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि आंखों में लालिमा, खुजली, जलन, सूजन, पानी आना और चिपचिपापन जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप या कोई दवा इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में ओपीडी में आने वाले मरीजों में करीब 40 प्रतिशत आंखों की एलर्जी से संबंधित हैं। रोजाना करीब 30 मरीज इस समस्या के पहुंच रहे हैं। त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. राम अनुग्रह ने बताया कि बारिश, धूप और उमस के कारण फंगल इंफेक्शन के मरीज बढ़े हैं। पुराने एग्जिमा के मामले भी उभर रहे हैं। बच्चों में तेज खुजली के साथ दाने और चकत्ते की शिकायत अधिक है। जरूरत के अनुसार दवा देकर मरीजों को घर भेजा जा रहा है।
वायरल बुखार और दस्त के मरीज भी बढ़े
मेडिसिन विभाग की ओपीडी में 200 मरीज पहुंचे। इनमें वायरल बुखार और दस्त के मरीज अधिक रहे। बाल रोग विभाग की ओपीडी में 156 बच्चे पहुंचे। अधिकांश बच्चों में बुखार, पेट दर्द और पीलिया की शिकायत रही। इनमें आठ बच्चों को भर्ती करना पड़ा। चिल्ड्रेन वार्ड के 24 बेड पर 29 बच्चे भर्ती हैं, जबकि पीआईसीयू के 10 बेड पर नौ बच्चे भर्ती हैं। हाईग्रेड बुखार वाले बच्चों और अन्य संदिग्ध मरीजों में डेंगू के लक्षण मिलने पर ब्लड सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में कुल 1034 मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
ये बरतें सावधानी
बच्चों को गंदे हाथों से आंखें न छूने दें।
व्यक्तिगत तौलिया और रूमाल का इस्तेमाल कराएं।
आंखों में जलन, खुजली या लालिमा होने पर चिकित्सक से परामर्श लें।
डॉक्टर की सलाह के बिना आई ड्रॉप का इस्तेमाल न करें।
बच्चों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
कोट
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मौसम में बदलाव के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। चिकित्सकों को समय से अपने कक्ष में बैठकर मरीजों को देखने के निर्देश दिए गए हैं।
-डॉ. अनिल कुमार, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।