काम नहीं आई कसरत, घट गया मतदान प्रतिशत
बस्ती। मतदाता जागरुकता को लेकर चली लंबी रस्साकशी उम्मीद के मुताबिक असर नहीं दिखा सकी। प्रशासन को उम्मीद थी कि जिले का मतदान प्रतिशत 60 का आंकड़ा छू लेगा। अगर इतना भी नहीं पहुंचा तो 2012 के चुनाव का 58.15 प्रतिशत का रिकार्ड जरूर पार कर लिया जाएगा। लेकिन, मतदाताओं की बेरुखी ने इन सब उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस बार पिछले विधानसभा चुनाव से भी कम मतदान हुआ। मतदान समाप्ति के बाद इसे लेकर आम लोगों में चर्चा होने लगी।
2017 के विधानसभा चुनाव में जिले का कुल मत प्रतिशत 57.72 प्रतिशत रहा। मगर इस बार कुल मिलाकर आंकड़ा 57.22 तक ही पहुंच सका। जिसमें हर्रैया 56.18 प्रतिशत, कप्तानगंज 58.38 प्रतिशत, रुधौली 55.23 प्रतिशत, बस्ती सदर 57.84 प्रतिशत और महादेवा विधानसभा का 58.89 प्रतिशत मतदान रहा। जबकि 2017 के चुनाव में हर्रैया 58.18, कप्तानगंज 58.17, रुधौली 54.44, बस्ती सदर 59.41 और महादेवा विधानसभा का मतप्रतिशत 58.42 था। विधानसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत बढ़ाने को लेकर प्रशासन जोरशोर से लगा हुआ था। विगत एक माह से लगातार जागरुकता अभियान चलाया जा रहा था और घर-घर जाकर लोगों को अनिवार्य रूप से मतदान के लिए प्रेरित भी किया जा रहा था। मतदाता जागरुता बारात तक निकाली गई और उत्सव जैसा माहौल बनाया गया। मगर इस बार घंटे मत प्रतिशत ने निराश किया।