कप्तानगंज (बस्ती)। जिले की पुलिस पर पशु तस्कर भारी पड़ रहे है। डेढ़ माह बाद भी पिकअप छोड़कर कर भागे पशु तस्करों को पुलिस नहीं खोज सकी है। पैकोलिया पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
पशु तस्कर आए दिन घटना को अंजाम दे रहे हैं। उसके बाद भी पुलिस तस्करों के आगे बेबस दिख रही है। पशु तस्करों को खोजने के लिए पैकोलिया, स्वाट, एसओजी टीम के साथ-साथ जिले की अन्य फोर्स भी लगाई गई है, मगर यह टीम फिलहाल कामयाब होते नहीं दिख रही है।
वहीं घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के पशुपालक भयभीत हैं। अपने पशुओं की सुरक्षा के लिए रतजगा करने के लिए मजबूर हैं। पशु तस्करों द्वारा लगातार लोकल एजेंटो के सहयोग से क्षेत्र के गोवंशीय और पालतू पशुओं को अपना निशाना बना रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो संतकबीरनगर जिले के नरायनपुर, अयोध्या के जुबेरगंज, गोरखपुर जिले में लगने वाले पशु बाजार में पशु तस्कर जुटते हैं। यहीं से दुधारू पशुओं के साथ-साथ चोरी के पशुओं को बेचने के लिए बाजार मालिकों की तरफ से पशु तस्करों को संरक्षण मिला हुआ है।
पशु बाजार में पशुओं की एंट्री होते ही बाहरी लोगों की जुबान बंद हो जाती है। बस्ती जिले में आंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, आजमगढ़, अयोध्या, संतकबीरनगर, गोंडा, कुशीनगर, गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, आगरा तक के पशु तस्करों के नेटवर्क फैला हुआ है। पैकोलिया के प्रभारी निरीक्षक केके साहू ने बताया कि पशु तस्करों को पकड़ने के लिए टीमें लगी हुई है।