बस्ती। उत्तर प्रदेश को 2047 तक सबसे विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के उद्देश्य से सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में सेवा निवृत्त अफसर, सफल उद्यमी, प्रबुध वर्ग की प्रशासनिक अफसरों के साथ मंत्रणा हुई। उद्यमियों ने तमाम अहम सुझाव दिए। जिसे विकसित यूपी के प्रस्ताव में शामिल किया गया।
शासन से नामित सेवानिवृत्त आईएएस ओएन सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। सेवानिवृत्त कर्नल केसी मिश्र, सेवानिवृत्त प्रोफेसर डाॅ. आरएन ओझा, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमार गंज अयोध्या डाॅ. वीपी शाही, सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता लोनिवि संजय कुमार श्रीवास्तव ने हिस्सा लिया।
इसमें जिले के युवा उद्यमी सिद्धार्थ शंकर मिश्र ने सुझाव पेश किया कि जिले में उद्योग जगत को बढ़ावा देने के लिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। बस्ती में निवेशकों की कमी नहीं है। लेकिन, भूमि, मार्ग, बिजली, कंपाउंड काउंटर आदि व्यवस्थाएं विकसित न होने के चलते लोग गोरखपुर गीडा, नोएडा, यूके आदि जगहों के औद्योगिक आस्थानों में जाकर पूंजी निवेश कर रहे हैं। उस तरह की व्यवस्था यदि यहां विकसित हो तो बाहर निवेश करने से लोग खुद बचेंगे। दो बिंदुओं पर हमें खास ध्यान देना होगा। उद्योग के जरिये विभिन्न तरह का उत्पादन बढ़े और उसके खपत का भी व्यवस्था सुलभ हो। उद्यमियों के लिए सुरक्षा के विशेष इंतजाम हो। उन्होंने सुझाव दिया कि एक योजना बनाकर यहां के निवेशकों को विभिन्न देशों का भ्रमण कराकर वहां के उद्यम के बारे में जागरूक किया जाए। इस दौरान समूह की महिलाओं ने अपने अहम सुझाव दिए। सेवानिवृत्त आईएएस ओएन सिंह ने कहा कि सरकार की उद्योग परक योजनाओं को आम युवाओं तक पहुंचाना है।तीन प्रमुख थीम्स अर्थ, सृजन एवं जीवन शक्ति तथा बारह सेक्टर कृषि एवं संबद्ध, पशुधन, औद्योगिक विकास, आईटी एवं इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, पर्यटन, नगर एवं विकास, अवस्थापना, संतुलित विकास, समाज कल्याण, शिक्षा, सुरक्षा एवं सुशासन सेक्टर पर ध्यान केंद्रित कर योजना तैयार की जाएगी। डीएम रवीश गुप्ता ने आश्वस्त किया कि शासन की मंशा के अनुरूप उद्यमियों को हर संभव सहयोग किया जाएगा। संचालन भूमि संरक्षण अधिकारी डाॅ. राजमंगल चौधरी ने किया।