बस्ती। परशुरामपुर ब्लॉक के सलेमपुर पांडेय गांव में मनरेगा का काम श्रमिकों से न कराकर ट्रैक्टर से कराने के मामले में हुई शिकायत पर डीएम ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। एक माह के भीतर जांच कर रिपोर्ट मांगी है। सलेमपुर पांडेय ग्राम पंचायत निवासी चन्द्र प्रकाश पांडेय ने डीएम को दो सितंबर को शपथ पत्र के साथ शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि ग्राम पंचायत में प्रधान और सचिव मिलकर विकास कार्यों में अनियमितता कर रहे हैं। उन्होंने गांव में लालजी के बाग से चंद्रशेखर के घर तक मिट्टी के कार्य में अनियमितता की शिकायत की है। उन्होंने कार्य मनरेगा श्रमिकों से न कराकर ट्रैक्टर से कराए जाने का आरोप लगाया है। डीएम ने उ.प्र. पंचायत राज (प्रधानों और सदस्यों को हटाया जाना) जांच नियमावली के तहत शिकायतों की जांच के लिए अधिकारियों की तीन सदस्यीय टीम गठित किया है। निवासी एक व्यक्ति की ओर से शपथ पत्र के साथ ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत डीएम से की थी। मामले में डीएम रवीश गुप्ता की ओर से जांच के लिए जिला प्रशिक्षण अधिकारी, जिला लेखा परीक्षा अधिकारी, सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा व सहायक अभियन्ता नलकूप खंड को जांच अधिकारी नामित किया है। निर्देश दिया गया है कि शिकायती पत्र में इंगित समस्त बिंदुओं की जांच कर एक माह के भीतर अपनी संयुक्त जांच आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।