संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी। एक तरफ प्रशासन अतिक्रमण हटाकर सड़कों का चौड़ीकरण करा रही। वहीं बांसी कस्बे की सबसे पुरानी मुख्य मार्केट जो अब सर्राफा मार्केट बन चुकी है। यहां के व्यापारी स्वयं जिलाधिकारी से मिलकर सड़क से अतिक्रमण हटाकर चौड़ी करने की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद इस सड़क का चौड़ीकरण नहीं किया जा रहा है।
व्यापारियों का कहना है कि सर्राफा मार्केट बांसी के चौड़ीकरण की मांग दो माह पूर्व जिलाधिकारी से मिलकर की गई थी। इसके बाद डीएम के आदेश पर सड़क की पैमाइश कराई गई तथा जितना अतिक्रमण हटाना था उसकी निशानदेही भी कर दी गई। निशानदेही के दो माह बीत जाने के बाद भी अभी तक अतिक्रमण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, अलग-अलग रूट पर बढ़ाया गया किराया जिससे व्यापारी चिंतित हैं। सर्राफा मंडल बांसी के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने बताया कि सराफा मार्केट का रास्ता पूरी तरह सकरा हो गया है, जिससे कोई भी ग्राहक यहां आना नहीं चाहता।
इसको लेकर इस मार्केट के लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी से दो माह पूर्व ही सर्राफा व्यापार मंडल के लोगों ने मुलाकात कर सड़क की चौड़ीकरण करने की मांग की थी।
डीएम के आदेश पर बांसी तहसील से राजस्व कर्मियों ने सड़क की पैमाइश किया था, और जितना मकान काटा जाना है, उस पर चिह्न भी लगा दिया गया था, लेकिन आज तक सड़क चौड़ीकरण को लेकर इस दिशा में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई। इससे सर्राफा मंडल के लोग चिंतित हैं।
उन्होंने कहा कि शंकरनगर, टेकधरनगर, श्यामनगर व अकबरनगर सर्राफा मार्केट की गली जो डॉक्टर चंद्रशेखर त्रिपाठी के दुकान से मंगल बाजार मोड़ तक जाती है, वह काफी सकरी हो गई है, जिससे सभी व्यापारियों का जीविका अंधकारमय हो गया है। सर्राफा मार्केट का रोड पहले से अब बहुत सकरा हो गया है। उक्त रोड से ही दशहरा, गणपति, दीपावली, बारावफात, मोहर्रम, हर प्रकार की जुलूस सर्राफा मार्केट रोड से ही निकलते हैं। ऐसे समय लोगों को दुश्वारी होती है, तथा प्रशासन को भी दिक्कत होती है।
मनीष वर्मा , दिनेश चंद्र वर्मा, आलोक चंद्र वर्मा, शरद चंद्र वर्मा, लालता प्रसाद वर्मा, जावेद अंसारी आदि सर्राफा मंडल के लोगों ने इस दिशा में जिलाधिकारी से है।