बस्ती। जिला प्रशासन, लोक भारती और सामाजिक संगठनों के तत्वावधान में जिले में 17 सितंबर को हरिशंकरी (पीपल, पकड़ और बरगद) पौधरोपण किया जाना है। गौर, गनेशपुर, विक्रमजोत और दुबौलिया ब्लाॅक में बैठक कर प्रधानों और अधिकारियों को उसके लाभ और महत्व बताए गए। बीडीओ, सचिव, रोजगार सहायक, सफाई कर्मियों को पौधरोपण के तरीके बताए गए। श्रीकृष्ण चौधरी ने कहा कि हरिशंकरी पौधरोपण सनातन संस्कृति की जीवनदायिनी परंपरा है। पीपल, बरगद और पाकड़ क्रमशः ब्रह्मा, विष्णु और महेश का स्वरूप हैं।
विक्रमजोत के बीडीओ अवधेश प्रताप सिंह ने इसे क्रांतिकारी पहल बताया। बीडीओ संदीप सिंह और तहसीलदार अभयराज ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों और रोजगार सेवकों के माध्यम से प्रत्येक गांव में हर घर से हरिशंकरी पौधरोपण सुनिश्चित किया जाएगा। ब्लॉक प्रमुख केके सिंह ने आश्वासन दिया कि हर ग्राम पंचायत स्तर पर हरिशंकरी पौधरोपण सुनिश्चित कराया जाएगा। पतंजलि योग समिति और गायत्री परिवार के प्रतिनिधियों ने इसे समाज और प्रकृति को जोड़ने वाली साधना बताया।
गौर ब्लॉक के 266 गांवों में लगाए जाएंगे हरिशंकरी पौधे
गौर। हरिशंकरी पौधरोपण अभियान की बुधवार को ब्लाॅक सभागार में बैठक हुई। ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि जटाशंकर शुक्ल एवं बीडीओ केके सिंह ने ग्राम प्रधानों के साथ सभी 266 राजस्व गांवों में पौधारोपण की रूपरेखा तैयार की।
जटाशंकर शुक्ल ने कहा कि 17 सितंबर को उत्सव के रूप में हरिशंकरी पौधों में पीपल, बरगद और पाकड़ के पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने प्रधानों से पौधों की देखभाल की अपील की। बीडीओ केके सिंह ने कहा कि सभी लोग समय से पौधों का उठान कर लें। इस अभियान में सामाजिक संगठनों का भी सहयोग जरूरी है। एडीओ पंचायत श्याम बिहारी, राम ललन मिश्रा, राहुल, प्रधान संघ के अध्यक्ष राजेश मिश्र, पारसनाथ यादव, संजय, रणधीर यादव, रामप्रताप यादव, सुभाष चौधरी, शैलेंद्र कुमार, राजू गौतम आदि मौजूद रहे।