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Basti News: छह महीने से कागजों में जलभराव के समाधान की कवायद

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अटल आवासीय विद्यालय बसेवाराय
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बस्ती। अटल आवासीय विद्यालय में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की कवायद छह महीने से कागजों में चल रही है, लेकिन धरातल पर काम शुरू होने का इंतजार खत्म नहीं हुआ है। सिंचाई विभाग की ओर से 8.72 करोड़ रुपये की लागत से रिटेनिंग वॉल बनाने की कार्ययोजना तकनीकी परीक्षण के इंतजार में अटकी है। जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से विद्यालय में पढ़ रहे 860 विद्यार्थियों की परेशानी बनी हुई है।
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हर्रैया तहसील के बसेवाराय में करीब 17 एकड़ में अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया गया है। सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था। वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 10 तक के 860 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से बने विद्यालय का परिसर निचले क्षेत्र में होने के कारण बारिश के दौरान जलभराव की समस्या पैदा होती है। इसके समाधान के लिए सिंचाई विभाग के सरयू नहर खंड-4 की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। पिछले दिनों परिसर जलमग्न होने के बाद अमर उजाला ने समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद विद्यालय में 10 अक्तूबर तक अवकाश घोषित कर दिया गया। सबसे अधिक चिंता हाईस्कूल के 140 विद्यार्थियों को लेकर है, जिन्हें बोर्ड परीक्षा में शामिल होना है।संवाद
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बननी थी रिटेनिंग वॉल, तकनीकी परीक्षण का इंतजार
जुलाई, 2024 में परिसर में जलभराव होने के बाद इसके स्थायी निदान की रणनीति बनी। इसके लिए सिंचाई विभाग ने रिटेनिंग वॉल निर्माण की योजना तैयार की। 8.72 करोड़ की लागत से चहारदीवारी के चारों तरफ रिटेनिंग वॉल बनाने का प्रस्ताव तैयार हुआ। बाद में तकनीकी परीक्षण के लिए पीडब्ल्यूडी भवन सेल, अयोध्या को पत्र भेजा गया। तकनीकी परीक्षण के लिए आईआईटी रुड़की या कानपुर की मदद ली जानी है। छह महीने बीतने के बाद भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। इसके लिए श्रम विभाग और पीडब्लूडी चिट्ठी-चिट्ठी खेल रहे हैं। पीडब्ल्यूडी से अनुमति व अग्रिम कार्रवाई के मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया गया और अनुस्मारक भेजकर कागज का पेट भरा जा रहा है।
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‘सिंचाई विभाग अपने स्तर से भी करा सकता है कार्य’
पीडब्लूडी भवन सेल अयोध्या के अधिशासी अभियंता उमेश कुमार का कहना है कि इस मामले में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता चाहें तो अपने स्तर से भी निर्माण कार्य करा सकते हैं। बाढ़ और जलभराव से जुड़ी परिस्थितियों व उनके निस्तारण की तकनीकी जानकारी सिंचाई विभाग के पास अधिक है। पीडब्ल्यूडी भवन और सड़क निर्माण का विशेषज्ञ विभाग है, जबकि बाढ़ एवं जल प्रबंधन के मामलों में सिंचाई विभाग विशेषज्ञ है।
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सड़क ऊंची करने का भी तैयार हो रहा प्रस्ताव
विभागीय अधिकारियों के अनुसार परिसर में करीब एक फुट ही जलभराव है। ऐसे में सड़क ऊंची करना भी इससे निजात का एक विकल्प हो सकता है। इसलिए विद्यालय के बाहर की सड़क का स्तर ऊंचा करने का भी प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इससे बारिश या आसपास से आने वाला पानी परिसर में प्रवेश करने से रोका जा सकेगा। हालांकि, इसमें आने वाली लागत आदि का आकलन अभी नहीं किया जा सका है, लेकिन एक-दो माह में ही इस दिशा में भी कार्य करने का दावा किया जा रहा है।
कोट्स
रिटेनिंग वॉल और सड़क ऊंची करने समेत जलभराव से जुड़े सभी विकल्पों पर सीडीओ की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में चर्चा होगी। श्रम विभाग और पीडब्लूडी के स्तर से पत्राचार किया गया है। सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने बताया कि श्रम विभाग की ओर से पीडब्लूडी भवन सेल को पत्र भेजा गया है। बैठक में आए सुझावों पर निर्णय लिया जाएगा।
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-कीर्ति प्रकाश, मुख्य राजस्व अधिकारी
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